Bhagalpur Bribe Case 2026: भागलपुर निगरानी कोर्ट के एडीजे दीपक कुमार की अदालत ने रिश्वत लेने के मामले में सहरसा जिले के सौर बाजार अंचल के राजस्व कर्मचारी अरविंद कुमार सिन्हा को दोषी करार दिया है। अदालत ने उन्हें 2 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि नहीं देने पर दोषी को दो महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। यह मामला वर्ष 2009 का है।
जमीन के म्यूटेशन के लिए मांगी थी रिश्वत
मामले के अनुसार सौर बाजार निवासी हरे कृष्ण कुमार ने अपनी पत्नी के नाम जमीन खरीदी थी। जमीन के म्यूटेशन के लिए राजस्व कर्मचारी अरविंद कुमार सिन्हा ने उनसे कथित तौर पर 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद हरे कृष्ण कुमार ने मामले की शिकायत निगरानी विभाग से की। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की जांच और कार्रवाई शुरू की।
5 हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़े गए थे
निगरानी विभाग की कार्रवाई के दौरान 11 जून 2009 को अरविंद कुमार सिन्हा को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। मामले में कार्रवाई के बाद यह प्रकरण निगरानी कोर्ट तक पहुंचा, जहां लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने राजस्व कर्मचारी को दोषी करार दिया।

निगरानी कोर्ट ने सुनाई सजा
मामले की सुनवाई भागलपुर निगरानी कोर्ट के एडीजे दीपक कुमार की अदालत में हुई। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की सुनवाई के बाद अरविंद कुमार सिन्हा को दोषी करार देते हुए दो वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में दो महीने की अतिरिक्त कारावास की सजा का भी आदेश दिया गया है।

लोक अभियोजक ने दी सजा की जानकारी
सजा सुनाए जाने की जानकारी लोक अभियोजक विजिलेंस स्पेशल रामबदन कुमार चौधरी ने दी। मामला जमीन के म्यूटेशन के लिए रिश्वत मांगने से जुड़ा था और वर्ष 2009 में निगरानी विभाग की कार्रवाई के बाद राजस्व कर्मचारी की गिरफ्तारी हुई थी।

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