भ्रष्टाचार के आरोपों से गूंजा कन्वेंशन हॉल, रोते किसानों का जनसंवाद में फुटा गुस्सा
गयाजी : भूमि सुधार और जनकल्याण के नाम पर आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम बुधवार को उस वक्त सवालों के घेरे में आ गया, जब किसानों का दबा हुआ गुस्सा फूट पड़ा। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा की मौजूदगी में बोधगया के कन्वेंशन हॉल में प्रखंड स्तर पर फैले भ्रष्टाचार,जमीन के कागजातों में हेराफेरी और खुलेआम रिश्वतखोरी के आरोपों की गूंज सुनाई दी।
किसानों ने कहा बिना पैसे के नहीं बढ़ती फाईल
कार्यक्रम का मकसद किसानों की समस्याएं सुनना और समाधान देना था, लेकिन जैसे ही उपमुख्यमंत्री का संबोधन शुरू हुआ, किसानों ने जमीन से जुड़े मामलों में वर्षों से चली आ रही परेशानी को लेकर आवाज बुलंद कर दी। नामांतरण, दाखिल-खारिज और खतियान सुधार जैसे कामों में रिश्वत मांगने के आरोप लगाते हुए किसानों ने कहा कि बिना पैसे दिए कोई फाइल आगे नहीं बढ़ती।
जिंदगी का बड़ा हिस्सा कचहरी और अंचल कार्यालय के चक्कर काटते निकल गया — किसान
शिकायत कर्ता भावुक होकर फूट-फूट कर रोने लगे। कहा कि जिंदगी का बड़ा हिस्सा कचहरी और अंचल कार्यालय के चक्कर काटते निकल गया, लेकिन आज तक अपनी ही जमीन पर हक नहीं मिल सका। किसानों का आरोप था कि प्रखंड और अंचल स्तर पर पदाधिकारी बेलगाम हो चुके हैं और शिकायत करने पर उल्टा परेशान किया जाता है।
किसानों ने खोली सिस्टम की पोल
कुछ देर के लिए कन्वेंशन हॉल शोर-शराबे से गूंज उठा। मंच पर बैठे अधिकारी असहज नजर आए। किसानों के तीखे सवालों और आरोपों ने पूरे तंत्र की पोल खोल दी। हालात संभालते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों को शांत कराया और भरोसा दिलाया कि शिकायतें अनसुनी नहीं रहेंगी।
समस्या के समाधान के लिये ठोस कदम उठायेंगे – उपमुख्यमंत्री
डिप्टी सीएम ने कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। “हर बीमारी का इलाज है। जो दोषी हैं, उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई होगी,” उन्होंने कहा। दावा किया कि 15 दिनों के भीतर जमीन से संबंधित समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
पुराने अभिलेखों की सही व्याख्या के लिये बनी टीम
उन्होंने बताया कि पुराने जमीन रिकॉर्ड, खासकर कैथी लिपि में दर्ज दस्तावेजों को समझने और सुधारने के लिए 20 से 21 लोगों की विशेष टीम बनाई गई है। इन टीमों को पटना में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि पुराने अभिलेखों की सही व्याख्या हो सके।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों व कर्मचारियों को दी चेतावनी
अपने सख्त तेवर में उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों व कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि गलत काम करने वालों को न केवल व्यक्तिगत, बल्कि पारिवारिक स्तर पर भी परिणाम भुगतने होंगे। इस बयान के बाद सभागार में मौजूद अफसरों के चेहरों पर तनाव साफ दिखा।
जमीन माफिया पर कसेगी नकेल
उन्होंने 2005 से पहले के बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में भू-माफियाओं का बोलबाला था, लेकिन एनडीए सरकार आने के बाद कानून का राज कायम हुआ और जमीन माफियाओं पर नकेल कसी गई। जनसंवाद के दौरान किसानों का आक्रोश और सरकार की सख्त चेतावनी इस बात का संकेत बनकर सामने आई कि भूमि सुधार अब सिर्फ फाइलों और घोषणाओं तक सीमित नहीं रह सकता। बोधगया का यह कार्यक्रम प्रशासन के लिए आईना भी बना, जिसमें किसानों ने व्यवस्था की कमजोरियों को खुलकर उजागर कर दिया।
आमस सीओ पर लगा 25000 रिश्वत मांगने का आरोप, मंत्री ने दिये जांच के आदेश
शेरघाटी के रहने वाले जितेंद्र कुमार ने डिप्टी सीएम के साथ अपनी जमीन की समस्याएं रखें साथी आमस सीओ के ऊपर पर ₹25000 का रिश्वत लेने का आरोप लगया। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि उसकी जमीन पर आमस के शंकर सिंह जमीन पर गलत कागजात के बल पर कब्जा व जान से मारने की धमकी दे रहा है। यह बात सुनकर मौके पर मौजूद शंकर सिंह का बेटा रामाधार सिंह भड़क उठा। वह दर्शक दीर्घा से उठ कर मंच के पास पहुंचकर अपनी बात कहने लगा। वह डिप्टी सीएम से मंच के ऊपर आने की अनुमति मांगी। लेकिन उसकी ऊंची व तेज आवाज ने माहौल को गरमा दिया। उसकी आवाज सुनते डिप्टी सीएम नाराज हो गए। उन्होंने तत्काल प्रभाव से बाहर करने का आदेश दिया। वहीं आमस सीओ को तत्काल प्रभाव से दुसरी जगह शिफ्ट करने का आदेश दिया। साथ एसएसपी व डीएम को रिश्वत मामले की जांच कर रिपोर्ट देने की बात कही।
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आशीष कुमार की रिपोर्ट
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