पटना: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक Coaching संस्थान के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद बिहार में भी प्रशासन की नींद खुली है और पटना जिला प्रशासन ने जिले के कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है। पटना के जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह के निर्देश के बाद जिले के विभिन्न अनुमंडल में जांच शुरू कर दी गई है। जांच के क्रम में सुरक्षा के मानकों की जांच की जा रही है। जांच के पहले दिन जिन कोचिंग संस्थानों की जांच की गई उसमें अधिकतम संस्थान पंजीकृत नहीं हैं।
अधिकतम संस्थानों में कई प्रकार की अनियमितताएं पाई गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार राजधानी पटना में कई ऐसे कोचिंग संस्थान हैं जो न तो निबंधित हैं और न ही प्रवेश निकास का द्वार अलग अलग है। जबकि अधिकतम संस्थानों में कम जगह में क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाया जा रहा है। बात करें राजधानी क्षेत्र पटना की तो सबसे अधिक अनियमितता पाई गई है।
पटना सिटी अनुमंडल
पटना सिटी अनुमंडल पदाधिकारी के जांच रिपोर्ट के अनुसार सात कोचिंग संस्थानों की जांच की गई जिसमें सिर्फ एक कोचिंग संस्थान ने निबंधन के लिए अप्लाई किया हुआ है जबकि दो का निबंधन नहीं है और चार अन्य की स्थिति पता नहीं चल सकी। जबकि चार कोचिंग संस्थान में अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था नहीं है वहीं किसी भी कोचिंग संस्थान में आकस्मिक चिकित्सा की व्यवस्था नहीं है।
तीन कोचिंग संस्थान में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है जबकि चार का बिल्डिंग बायलॉज नहीं है। मात्र दो कोचिंग संस्थान में प्रवेश निकास के लिए अलग अलग दरवाजे हैं। जबकि लगभग सभी कोचिंग संस्थानों में संकड़ी सीढ़ी है और कम जगह में अधिक बच्चों को बैठा कर पढ़ाया जाता है।
बाढ़ अनुमंडल
बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत जांच टीम ने कुल 11 कोचिंग संस्थानों की जांच की जिसमें मात्र एक संस्थान निबंधित है जबकि एक ने निबंधन के लिए अप्लाई किया हुआ है और एक ने अपना निबंधन रेन्यू नहीं करवाया है जबकि बाकि के कोई भी संस्थान निबंधित नहीं है। मात्र चार कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन यंत्र है जबकि मात्र एक कोचिंग संस्थान में आकस्मिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है। एक भी कोचिंग में पार्किंग की सुविधा नहीं है, जबकि दो के भवन पुराने हैं और एक करकट का बना हुआ है। एक भी संस्थान का बिल्डिंग बायलॉज और आकस्मिक स्थिति से निपटने की कार्य योजना नहीं है।
मसौढ़ी अनुमंडल
मसौढ़ी अनुमंडल क्षेत्र में जांच टीम ने कुल 8 कोचिंग संस्थानों की जांच की जिसमें एक भी कोचिंग संस्थान का निबंधन नहीं कराया गया है। मात्र दो कोचिंग संस्थानों में प्रकाश की समुचित व्यवस्था है। चार कोचिंग संस्थान में पेयजल और शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था तक नहीं है जबकि मात्र दो में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध है। वहीं किसी भी कोचिंग संस्थान में चिकित्सा और पार्किंग की व्यवस्था नहीं है साथ ही चार कोचिंग संस्थान करकट में चल रहा है और एक का मकान अभी निर्माणाधीन है। किसी भी कोचिंग में बिल्डिंग बायलॉज और आकस्मिक स्थिति से निपटने की कार्य योजना नहीं पाई गई।
दानापुर अनुमंडल
दानापुर अनुमंडल पदाधिकारी के जांच रिपोर्ट के अनुसार कई कोचिंग संस्थानों में वाशरूम, पेयजल और टॉयलेट की समुचित व्यवस्था नहीं पाई गई। अग्निशमन यंत्र, प्रवेश निकास द्वार अलग-अलग एवं आकस्मिक स्थिति से निपटने की कार्ययोजना भी नहीं पाई गई। जबकि मात्र एक कोचिंग संस्थान ने अपना निबंधन प्रमाणपत्र दिखाया।
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पटना से चंदन तिवारी की रिपोर्ट
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