रांची: झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र 1 अगस्त से 7 अगस्त 2025 तक चलेगा। इस दौरान पांच कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं। सत्र के दौरान सरकार की ओर से 2025-26 का पहला अनुपूरक बजट 4 अगस्त को सदन में पेश किया जाएगा। साथ ही, कुछ महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन में लाए जा सकते हैं।
सत्ता पक्ष की रणनीति बैठक आज
सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले 31 जुलाई को शाम 6 बजे एटीआई में सत्ता पक्ष के विधायकों की बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी शामिल होंगे। इस बैठक में झामुमो, कांग्रेस, राजद और माले के विधायक सत्र के दौरान विपक्ष से निपटने की रणनीति बनाएंगे। इससे पहले कांग्रेस विधायक दल की अलग बैठक भी निर्धारित है।
विपक्ष की रणनीति
झारखंड के विपक्षी दल भाजपा के विधायक 1 अगस्त को बैठक करेंगे, जिसमें राज्य सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा होगी। भाजपा ने सत्र के दौरान विधि-व्यवस्था, रोजगार और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांगने की योजना बनाई है।
पक्ष-विपक्ष में जोरदार बहस की संभावना
इस सत्र में जातीय जनगणना, सरना धर्म कोड और विशेष मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम जैसे मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर हो सकता है। वहीं, विपक्ष राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाकर सदन में हंगामा कर सकता है। दोनों पक्षों के बीच गंभीर बहस और टकराव की संभावना जताई जा रही है।
स्पीकर ने दी अधिकारियों को सख्त हिदायत
विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सत्र से पहले विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्र के दौरान संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी सदन में अपनी दीर्घा में मौजूद रहें, ताकि समय पर सटीक उत्तर दिए जा सकें।
स्पीकर ने निर्देश दिया कि सभी विधेयक समय से विधायकों को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उन्हें अध्ययन का पर्याप्त समय मिल सके।
अनुपूरक बजट पर विशेष ध्यान
चार अगस्त को पेश होने वाले अनुपूरक बजट को लेकर वित्त विभाग के अधिकारियों को अपने ड्यूटी रोस्टर के अनुसार सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। बैठक में मुख्य सचिव अलका तिवारी, डीजीपी अनुराग गुप्ता, विधानसभा प्रभारी सचिव माणिक लाल हेंब्रम, नगर आयुक्त सुशांत गौरव समेत कई वरीय अधिकारी मौजूद थे।
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