Ranchi– लम्बे समय से स्थायीकरण और अन्य मुद्दों को लेकर सड़क पर आन्दोनरत पारा शिक्षकों का दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा. दरअसल कल शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के साथ एकीकृत पारा शिक्षक संघ मोर्चा की चार घंटों तक मैराथन बैठक चली थी. बैठक के बाद बताया गया कि मानदेय में मानदेय में 40 से 50 फीसद की वृद्दि की जाएगी. इसके साथ ही मानदेय में प्रति वर्ष तीन फीसद की वृद्धि करने पर भी सहमति बनी. लेकिन नियुक्ति में आरक्षण रोस्टर का अनुपालन नहीं किए जाने के कारण वैधानिक रुप से वेतनमान नहीं दिया जा सकता.

लेकिन जब रविवार की सुबह शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने अपने फेसबुक पेज पर पारा शिक्षकों के साथ बैठक को लेकर एक पोस्ट किया. जगरनाथ महतो ने लिखा की वार्ता सकारात्मक रही और उन्हें आगे पारा शिक्षकों के निर्णय का इंतजार है. शिक्षा मंत्री ने अपने फेसबुक पेज पर बैठक की तस्वीर भी साझा की.
जेएमम को सपोर्ट कर पारा शिक्षकों ने काटा अपना नस
शिक्षा मंत्री का यह पोस्ट दिखते ही पारा शिक्षक भड़क गयें. उसके बाद कमेंट की बाढ़ आ गई. महज चार घंटे के भीतर 170 से ज्यादा पारा शिक्षकों और सामान्य लोगों का कमेंट आया. 29 से ज्यादा बार पोस्ट को शेयर किया है. पारा शिक्षकों ने लिखा कि इससे तो अच्छा तो रधुवर सरकार की नियमावली थी. जिसमें स्थायीकरण का जिक्र था. लेकिन पारा शिक्षकों ने जेएमम को सपोर्ट कर अपनी नस ही काट ली. एक यूजर ने लिखा कि जिसके दम पर जेएमम सत्ता में आई, आज उसी को बर्वाद करने पर तूली हुई है. एक पारा शिक्षक ने तो नैतिकता के मुद्दे पर इस्तिफा की भी मांग दी. जब एक कैबिनेट मंत्री का स्टेटमेंट लगातार झूठ होने लगे तो इस्तिफा देना ही नैतिकता है. इससे घटिया हम लोगों के लिए कुछ भी नहीं. हम सबको नपुंसक बना कर छोड़ दिया.
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