Bano में ‘खाट पर झूलते सिस्टम’ ने ली एक और जान! इस तरह यहां के लोग जीने को मजबूर

Bano/सिमडेगा : एक और जहां देश 5G नेटवर्क और वंदे भारत, मेट्रो जैसे कार्यों की चर्चा कर रहा है, हमारा देश का चंद्रयान मंगल ग्रह तक पहुंच गया है, लेकिन इन सबके बीच ग्रामीण क्षेत्रों का एक हिस्सा ऐसा भी है, जहां आज भी मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। इनमें सिमडेगा जिले के कई ग्रामीण सुदूरवर्ती क्षेत्र भी हैं, जहां आज भी पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है। सड़क की सुविधा नहीं होने के कारण आज भी मरीजों को खाट पर लादकर कई किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है, ताकि समय पर मरीजों का इलाज कर उसकी जान बचाई जा सके।

Bano में खाट पर झूलता सिस्टम!

दरअसल, सिमडेगा जिले के बानो (Bano) प्रखंड में सर्पदंश के शिकार हुए मरीज को खाट पर ले जाने की तस्वीर सामने आई है। मामला सिमडेगा के बानो प्रखंड की गेनमेर पंचायत के टोनिया करामडाईर गांव का है। यहां मोहाली कंडुलना नामक व्यक्ति को एक जहरीले सांप ने काट लिया था। उसकी हालत बिगड़ने लगी, लेकिन गांव के पास बहने वाली पांगुर नदी तेज बारिश के बाद उफान पर थी, नदी पर पुल का निर्माण नहीं हुआ है, जिस कारण कोई वाहन या एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पायी।

Bano में सर्पदंश से व्यक्ति की मौत

पूरी घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि रात में करीब 2:00 बजे जहरीले सांप ने मोहाली कंडुलना को काट लिया था। नदी में पानी का बहाव ज्यादा होने के कारण हम ग्रामीण उसे खाट पर भी लिटाकर नदी पार नहीं कर सकते थे। अंततः थक हार कर ग्रामीणों ने सिस्टम को कोसते हुए अंतिम विकल्प के रूप में उपचार के लिए झाड़फूंक का सहारा लिया, मगर झाड़फूंक करने के कुछ घंटो के बाद मोहली की हालात और बिगड़ने लगी।

घटना के करीब 7 घंटे बाद नदी का पानी कुछ उतरा, पानी का बहाव कम हुआ तो सर्पदंश पीड़ित मोहली को सुबह 9:30 बजे बानो स्वास्थ केंद्र में भर्ती कराया गया, मगर उसके नाजुक स्थिति को देखते हुए उसके बेहतर इलाज के लिए सिमडेगा रेफर कर दिया गया, जहां पहुंचते ही उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उसके शव को लेकर फिर से ग्रामीणों को खाट के सहारे नदी पार कर गांव जाना पड़ा।

इस गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल की भी कोई सुविधा नहीं है। बारिश के समय में नाला भर जाने से शिक्षकों को भी स्कूल तक आने में असुविधा होती है। जिस कारण बच्चों के शिक्षा दीक्षा पर भी असर पड़ रहा है। ग्रामीण लगातार यहां एक पुल निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, जिससे विकास की एक किरण उनके गांव तक भी पहुंच सके।

नदी में नहीं बना पुल

ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधि और प्रशासन से पुल की मांग की, लेकिन आज तक किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। इस अनसुनी का नतीजा मोहली की मौत के रूप में सामने आया। अगर ग्रामीणों की समस्या को समझकर पूर्व में ही यहां पुल बन गया होता, तो शायद मोहली समय पर अस्पताल पहुंच जाता और उसकी जान बच जाती। लेकिन लापरवाह सिस्टम इन ग्रामीणों को खाट पर झूलाता रहा और मोहली की जान चली गई। खैर इस घटना के बाद ग्रामीणों ने आज श्रमदान कर सुबह यहां खुद से एक लकड़ी का पुल तैयार किया।

इसके बाद पहली बार इस गांव में जिला परिषद सदस्य के रूप में कोई जनप्रतिनिधि पहुंचा। बानो के जिला परिषद सदस्य बिरजो कंडुलना ने भी 19 वीं सदी में जीवन बिताते यहां के ग्रामीणों की स्थिति को देखा तो चिंता जाहिर करते हुए इनकी बात को ऊपर जिला प्रशासन और सरकार तक ले जाने की बात कही है।

खाट पर सिस्टम का ये दृश्य सिमडेगा के लिए कोई नई बात नहीं है। पिछले सप्ताह ही ठेठईटांगर प्रखंड के ताराबोगा पंचायत अंतर्गत कुरूमडेगी गांव निवासी फ़िरू सिंह जिनकी तबीयत रात में अचानक बिगड़ गई थी। गांव तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है, क्योंकि बीच में नदी है, जिस पर अब तक कोई पुल नहीं बन पाया है।

इस कारण ‌उनके उपचार के लिए ग्रामीणों को खटिया के सहारे ढोकर करीब 1 किलोमीटर का सफर तय करते हुए सड़क तक पहुंचा गया था, ताकि समय से उसका इलाज हो पाए। सिमडेगा में अक्सर इस तरह की तस्वीर सामने आकर देश और राज्य के विकास की जमीनी हकीकत बयां करती रहती है।

सिमडेगा डीसी का आश्वासन

एक तरफ आपकी सरकार आपके द्वार का चौथा फेज चल रहा है। गांव तक सरकार की योजना पहुंचने के कई दावे हो रहे हैं, लेकिन अभी तक टोनीया कर्राडमईर जैसे गांव तक विकास की किरण नहीं पहुंचना सरकार, जनप्रतिनिधि और सिस्टम की लापरवाही का बड़ा सबूत पेश करती है। खैर, सिमडेगा डीसी अजय कुमार सिंह ने जिले ऐसे सभी गांव तक सड़क मार्ग के रास्ते विकास पहुंचाने का आश्वासन दिया है।

अंतरिक्ष तक देश के कदम और गांव तक सरकार आपके द्वार जाकर विकास के दंभ भरना तब तक खोखला साबित होगा जब तक विकास विहीन ऐसे गांव तक सरकार सड़क मार्ग नहीं बना दे। ताकि फिर से किसी मरीज को नदी के पानी कम होने और खाट के सहारे जीवन का जंग लड़ते हुए अपने प्राण नही गंवाना पड़े।

Bano से अनुज कुमार साहू की रिपोर्ट

Saffrn

Trending News

Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions

Social Media

194,000FansLike
27,500FollowersFollow
628FollowersFollow
695,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img