Siwan- नकाबधारी महिला की फरियाद- जिस महिला की तलाश में पुलिस कई दिनों से दर-दर भटक रही थी, वही महिला नकाब पहनकर पुलिस के सामने खड़ी थी, वह बार-बार एक ही बात कह रही थी, साहब मेरा अपहरण नहीं हुआ है, मेरा पति सोनू सिंह के द्वारा प्राथमिकी दर्ज करवाने के पहले मैं भी एक प्राथमिकी दर्ज करवा चुकी है, लेकिन आज तक मेरी प्राथमिकी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
नकाबधारी महिला की फरियाद, मेरी प्राथमिकी पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई
दरअसल यह महिला नौतन थाना क्षेत्र निवासी सोनू कुमार सिंह की पत्नी स्वाति सिंह है. मीडिया से बात करते हुए स्वाति सिंह ने कहां की उनका अपहरण नहीं हुआ था. बल्कि वो अपने पति के डर से ससुराल छोड़कर छुपी हुई थी. महिला ने कहा कि पति ने अपनी करतूत छुपाने के लिए जीवन यादव पर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया. यह जानकारी मिलते ही मैं सबसे सामने आ गयी, डर था कि कहीं मेरे चक्कर में कोई निर्दोष नहीं फंस जाय.
महिला का कहना है कि उसने 17 अक्टूबर को मुफस्सिल थाना में आवेदन देकर अपने पति और ससुराल वालों से जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई थी. लेकिन 20 अक्टूबर को मेरे पति सोनु सिंह ने मुफस्सिल थाने में जीवन यादव के विरुद्ध अपहरण की प्राथमिकी दर्ज करवा दिया.
महिला ने अपने बयान में यह साफ साफ कहा कि उसकी अपहरण की खबर पूरी तरह से निराधार है,
और उसका समाजसेवी जीवन यादव के साथ कोई संबंध नहीं है.
बस उनको एक समाजसेवी के रुप मे जानती हूं.
मुफस्सिल थाना पुलिस महिला का बयान लेने के बाद उसे सीजीएम कोर्ट लेकर गयी,
जहां महिला ने मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज करवाया.
इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
पुलिस ने महिला के पति के आवेदन पर तत्परता दिखाते हुए
जीवन यादव के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ताबड़तोड़ महिला की
बरामदगी के लिए छापेमारी शुरू कर दी.
वहीं पुलिस ने महिला द्वारा दिए गए मुफस्सिल थाना में
17 अक्टूबर के आवेदन पर त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं की.
ज्ञात हो कि समाजसेवी जीवन यादव पिछले 17 तारीख से गंभीर रूप से बीमार है और
गोरखपुर में उनका इलाज चल रहा है.
अरुप चटर्जी और उसके कर्मियों के विरुद्ध एक और मुकदमा दर्ज
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