जो भाजपा के 16 वर्ष के शासन में नहीं हुआ वो दो साल में हुआ- रामेश्वर उरांव

रांची : जो भाजपा के 16 वर्ष के शासनकाल में नहीं हुआ वो दो साल में हुआ- झारखंड के वित्त

तथा खाद्य आपूर्ति डॉ. रामेश्वर उरांव ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व में गठित

महागठबंधन सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर कहा कि अलग झारखंड राज्य गठन के

बाद भाजपा के 16 वर्ष के शासनकाल में राज्य के विकास को लेकर जो ना सोचा और ना किया,

उसे दो वर्ष के कार्यकाल में पूरा किया गया है. आने वाले तीन वर्ष के शासनकाल में गठबंधन सरकार

अपने सभी वायदे को पूरा करने का काम करेगी.

डॉ. रामेश्वर उरांव ने सोमवार को रांची में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दो वर्ष का कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा.

इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के वरिष्ठ नेता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव

एवं डा.राजेश गुप्ता छोटू भी मौजूद रहे.

डा. रामेश्वर उरांव ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण जब देश-दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई,

कामकाज चौपट हो गये, उस वक्त भी संकट की घड़ी में राज्य सरकार ने ना सिर्फ अपने सीमित संसाधनों

की मदद से समाज के हर तबके और विशेषकर गरीबों को मदद पहुंचाने का काम किया.

उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य भले ही सार्वजनिक रूप से इन कार्यों की प्रशंसा करने में शर्म महसूस करें,

लेकिन अंदर ही अंदर वे भी राज्य सरकार के कार्यों की सराहना करते हैं.

जो कार्य भाजपा के 16 वर्ष के शासनकाल में नहीं हुआ वो दो साल में हुआ – 15 लाख परिवारों को राशन कार्ड कराया उपलब्ध

वित्तमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में राज्य में 25-26 लोगों की मौत हो गयी थी, लेकिन हेमंत सोरेन सरकार

में भूख से मौत की बात तो दूर, किसी को भूखा सोने तक नहीं दिया गया. लाल-पीला कार्ड की अपर्याप्त संख्या

के मद्देनजर राज्य सरकार ने अपने संसाधन के माध्यम से 15 लाख अन्य वैसे जरुरतमंद परिवारों को राशन कार्ड

उपलब्ध कराया गया, जिनकी आवाज बुलंद नहीं हो पा रही थी। इसके अलावा मुख्यमंत्री से विचार-विमर्श के

बाद सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना के तहत 61 लाख परिवारों को 1.22करोड़ धोती साड़ी वितरित की गयी,

ताकि लोगों के समक्ष वस्त्र की किल्लत भी दूर हो सके. राज्य सरकार ने धर्म, जाति-संप्रदाय से ऊपर उठकर

स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को ना सिर्फ किताबें और पोशाक उपलब्ध करायी गयी, बल्कि सभी वर्ग के बच्चों को

स्कूल जाने के लिए साईकिल भी उपलब्ध करायी गयी. उन्होंने कहा कि यूनिवर्सल पेंशन योजना के मातहत

एक स्ट्रोक में 13 लाख बूढ़े, बुजुर्ग, दिव्यांग को नगद पैसा देने का हेमंत सोरेन की सरकार ने काम किया।

जो कार्य भाजपा के 16 वर्ष के शासनकाल में नहीं हुआ वो दो साल में हुआ हेमंत सरकार ने बनायी नियुक्ति नियमावली

डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि पूर्व में नियमावली नहीं बन पाने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही थी,

हर नियुक्ति प्रक्रिया कोर्ट पहुंच जा रही थी. अब राज्य सरकार ने नियुक्ति नियमावली बना ली है और कृषि विभाग

में 123 पदों पर नियुक्ति के साथ ही जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से रिक्त पदों को भरने की

प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के कार्यों से भी राज्य संतुष्ट नजर आ रहे है,

सभी को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जा रहा है और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद की जा रही है.

यदि केंद्र सरकार अनुमति देगी, तो गेंहू की भी खरीद एमएसपी पर की जाएगी.

मनरेगा के माध्यम से लोगों को कराया रोजगार उपलब्ध

मनरेगा के माध्यम से हर गांव-पंचायत में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है. ग्रामीण विकास विभाग

की योजनाओं के माध्यम से गांव में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि वायदे के मुताबिक राज्य सरकार ने किसानों का 50 हजार रुपये तक का कर्ज माफ

किया है और एक लाख रुपये के कृषि ऋण को माफ करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है.

श्रमिकों को हवाईजहाज और स्पेशल ट्रेन से करायी घर वापसी

कोरोना काल में राज्य सरकार द्वारा किये गये कार्यों का जिक्र करते हुए डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि

झारखंड देशभर में पहला ऐसा राज्य है, जिसने अपने खर्च पर स्पेशल ट्रेन से प्रवासी श्रमिकों की घर

वापसी सुनिश्चित करायी गयी. ट्रेन के अलावा हवाईजहाज और यात्री बसों से भी प्रवासी श्रमिकों को

ना सिर्फ घर वापस लाने का काम किया, बल्कि उनके खाने-पीने का इंतजाम किया. यहां तक कि

पुलिस थानों में भी खाने-पीने की व्यवस्था की गयी. उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में भी काफी अच्छा काम किया.

पेयजल स्वच्छता के मामले में भी काफी सराहनीय काम हुआ.

पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने का रामेश्वर उरांव ने दिया संकेत

पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने के संबंध में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि

पड़ोसी राज्य में पेट्रोल 108 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है और झारखंड में 98 रुपये प्रति लीटर मिल रहा हैं.

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र सरकार 9 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी वसूलती थी,

अभी यह बढ़कर 29 प्रतिशत हो गया है, वहीं रघुवर दास सरकार के समय ही 22 प्रतिशत वैट लिया जाता था,

हेमंत सरकार में वैट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गयी, इसलिए केंद्र सरकार और उत्पाद शुल्क में कमी लाये,

राज्य सरकार की भी वैट कम करने के मसले पर कोई जिद नहीं है, जरूरत पड़ने पर और समय

आने पर सरकार इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी.

कोरोना काल में भी राज्यकर्मियों को समय पर मिला वेतन

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में वित्तमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के यह वित्तीय प्रबंधन की कुशलता का

परिणाम था कि कोरोना काल में भी तमाम मुश्किल की घड़ी में भी राज्यकर्मियों को समय पर

वेतन-मानदेय मिलता रहा और ना तो इसमें कोई कटौती की गयी और ना ही कमी की गयी.

जबकि देशभर के कई राज्यों में इसमें आवश्यक कटौती की गयी और कमी भी की गयी.

एचईसी के जीर्णाद्धार के संबंध में पूछे गये प्रश्न पर डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि 1954 में ही

राउरकेला में स्टील प्लांट के लिए जमीन अधिग्रहण हुआ, लेकिन तब प्रबंधन ने 5000 एकड़

सरप्लस जमीन को ओडिशा सरकार को वापस कर दिया गया, लेकिन झारखंड में विस्थापन एक बड़ी समस्या रही है,

यही कारण वर्ष 2013 में भूमि अधिग्रहण कानून लाया गया.

पूरे कोरोना काल में पुलिस ने दिखायी मानवता का अद्भूत चेहरा

भाजपा के प्रश्न का जवाब देते हुए डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि पूरे कोरोना काल में पुलिस ने मानवता का

अद्भूत चेहरा प्रस्तुत किया है. जो लोग थाना जाने से डरते थे वहां थाना किचन के माध्यम से लोगों को भोजन कराया गया.

पुलिस को हतोत्साहित करना कहीं से भी उचित नहीं होगा.

रिपोर्ट : प्रतीक सिंह

भाजपा के राज में छले जा रहे युवाओं के आक्रोश का महाविस्फोट है यह छात्र आन्दोलन- महागठबंधन

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *