Republic Day Parade 2025 में दुनिया देखेगी भारत की सैन्य ताकत

डिजिटल डेस्क : Republic Day Parade 2025 में दुनिया देखेगी भारत की सैन्य ताकत। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार की सुबह 9 बजे से शुरू हो रहे 76वें गणतंत्र दिवस समारोह के क्रम में होने वाले Republic Day Parade 2025 में भारत की सैन्य शक्ति का आभास खुलकर लोगों को होगा।

परेड में कई अन्य चीजें भी पहली बार देखने को मिलेंगी, जैसे तीनों सेनाओं (थलसेना, वायुसेना, नौसेना) की झांकी, जो सशस्त्र बलों के बीच तालमेल को दर्शाएंगी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, झांकी में युद्ध के मैदान का परिदृश्य दिखाया जाएगा, जिसमें स्वदेशी अर्जुन युद्धक टैंक, तेजस लड़ाकू विमान और उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर के साथ थल, जल और वायु में समन्वित अभियान का प्रदर्शन किया जा रहा है।

तीनों सेनाओं की झांकी का विषय सशक्त और सुरक्षित भारत होगा। देश अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन ब्रह्मोस, पिनाक और आकाश सहित कुछ अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों का प्रदर्शन करने जा रहा है। साथ ही, सेना की युद्ध निगरानी प्रणाली संजय और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की सतह से सतह पर मार करने वाली सामरिक मिसाइल प्रलय पहली बार परेड में शामिल की गई है।

देश में संविधान के लागू होने का प्लेटिनम जुबली भी आज

भारत 76वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में यहां आज कर्तव्य पथ पर अपनी सैन्य शक्ति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करने के अलावा विरासत और विकास का प्रतीकात्मक संगम प्रदर्शित करने जा रहा है। राष्ट्र संविधान के लागू होने का प्लेटिनम जुबली भी आज मना रहा है। यह महत्वपूर्ण दिन भारत के लोकतांत्रिक आदर्शों, समृद्ध इतिहास और इसकी विविध आबादी को बांधने वाली एकता की याद दिलाता है।

देश 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभर में समारोह, भव्य परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं। इस देशभक्ति दिवस का केंद्रबिंदु नई दिल्ली में कर्तव्य पथ (जिसे पहले राजपथ के नाम से जाना जाता था) पर गणतंत्र दिवस परेड होने जा रही है। परेड में भारत की उपलब्धियों और प्रगति का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रपति मुर्मू राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाली हैं। संविधान के लागू होने का 75 साल पूरा होना इस वर्ष समारोहों का मुख्य आकर्षण है, लेकिन झांकियों का विषय ‘स्वर्णिम भारत : विरासत और विकास’ है।

आज विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 16 झांकियां और केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और संगठनों की 15 झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी। देश में संविधान को 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा अंगीकृत किया गया था। परेड से पहले, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय समर स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले हैं। परेड सुबह राष्ट्रीय सलामी के साथ शुरू हो रही है और 90 मिनट तक जारी रहेगी, जो भारत की विरासत और विकास यात्रा को दर्शाएगी।

76वें गणतंत्र दिवस के जश्न का सांकेतिक चित्र
76वें गणतंत्र दिवस के जश्न का सांकेतिक चित्र

Republic Day Parade 2025 के परेड गवर्नर हैं लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार

Republic Day Parade 2025 में दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार परेड कमांडर हैं जबकि परेड सेकेंड-इन-कमान, दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ (सीओएस) मेजर जनरल सुमित मेहता हैं। सी-130जे सुपर हरक्यूलिस, सी-295, सी-17 ग्लोबमास्टर, पी-8आई, मिग-29 और एसयू-30 सहित अन्य विमान भी समारोह का हिस्सा हैं।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, औपचारिक परेड की शुरुआत 300 सांस्कृतिक कलाकारों द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों का प्रतिनिधित्व करने वाले वाद्ययंत्रों पर सारे जहां से अच्छा की धुन बजाकर की जाएगी।  परेड में पहली बार प्रलय मिसाइल का प्रदर्शन दिखेगा। कर्तव्य पथ पर आज दुनिया हिंदुस्तान की ताकत देखेगी।

राफेल-सुखोई की दहाड़ और प्रलय मिसाइल का शक्ति प्रदर्शन दिखेगा। समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समेत कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहेंगी। कर्तव्य पथ पर हजारों नागरिक भी परेड, झांकी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साक्षी बनेंगे।

रविवार की सुबह 76वें गणतंत्र दिवस के जश्न की तैयारी का चित्र
रविवार की सुबह 76वें गणतंत्र दिवस के जश्न की तैयारी का चित्र

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती परेड में प्रमुख आकर्षणों में नंबर 1 पर

इस बार हो रहे परेड में अन्य महत्वपूर्ण आकर्षणों में नंबर 1 पर भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती है। इसके बाद सरदार वल्लभभाई पटेल और भारत मौसम विज्ञान विभाग हैं। गणतंत्र दिवस परेड की शुरुआत देश के विभिन्न हिस्सों के 300 सांस्कृतिक कलाकार ‘सारे जहां से अच्छा’ संगीत वाद्ययंत्र बजाते हुए करेंगे। वाद्ययंत्रों का एक स्वदेशी मिश्रण जो करोड़ों भारतीयों के दिलों की धुन, ताल और आशाओं से गूंजता है।

गणतंत्र दिवस का सांकेतिक चित्र
गणतंत्र दिवस का सांकेतिक चित्र

वाद्ययंत्रों के समूह में पवन और तालवाद्यों का एक विस्तृत मिश्रण शामिल है, जैसे शहनाई, सुंदरी, नादस्वरम, बीन, मशक बीन, रणसिंघा-राजस्थान, बांसुरी, कराडी मजालु, मोहुरी, शंख, तुतारी, ढोल, गोंग, निशान, चांग, ताशा, संबल, चेंडा, इडक्का, लेज़िम, थविल, गुडुम बाजा, तालम, मोनबाह आदि।

आरडीसी 2025 के सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत संस्कृति मंत्रालय के संगीत नाटक अकादमी के माध्यम से ‘जयति जया ममः भारतम’ शीर्षक में 5000 कलाकारों के साथ 11 मिनट के सांस्कृतिक प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शन में देश के विभिन्न हिस्सों से 45 से अधिक नृत्य शैलियां शामिल होंगी। पहली बार प्रदर्शन विजय चौक और सी हेक्सागोन से पूरे कर्तव्य पथ को कवर करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी मेहमानों को समान रूप से देखने का अनुभव मिले।

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