रांची: झारखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पूर्वी राजस्थान से उठा चक्रवाती सिस्टम अब पूर्वी मध्य प्रदेश होते हुए छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, बिहार और बंगाल की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसके असर से राज्य में बादल बनने की प्रक्रिया तेज हो गई है और वातावरण में नमी आ गई है। रविवार को 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवा, वज्रपात और बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि रविवार के बाद मौसम में फिर बदलाव आएगा और तापमान में वृद्धि से गर्मी का असर बढ़ेगा। अनुमान है कि छह मई के बाद राज्य के कई हिस्सों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।
इधर, शनिवार को बोकारो में ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलें तबाह हो गईं। धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, गिरिडीह, जामताड़ा और कोडरमा सहित लगभग सभी जिलों में तेज बारिश और वज्रपात की घटनाएं दर्ज की गईं। पिपरवार के बनहे गांव में वज्रपात की चपेट में आने से 13 वर्षीय सौरभ कुमार की मौत हो गई। परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजे पर सहमति बनी है।
वहीं, हजारीबाग के बरकट्ठा के बेडोकला गांव में 24 वर्षीय देवनंदन राणा और बिरनी प्रखंड के जटाडीह गांव में 25 वर्षीय छोटू साव की भी वज्रपात से जान चली गई।
राजधानी रांची में भी शनिवार को अलग-अलग समय में बारिश हुई। यहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.1 डिग्री कम है।







