केंद्र सरकार ने तंबाकू, जर्दा, गुटखा और सिगरेट पर Extra Excise Duty लागू की है। एक फरवरी से दाम बढ़ेंगे, राज्यों को मिलेगा राजस्व हिस्सा।
Tobacco products hit by extra excise duty रांची: केंद्र सरकार ने तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों पर कर संरचना में बड़ा बदलाव करते हुए अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय की ओर से साल के अंतिम दिन जारी अधिसूचना के अनुसार एक फरवरी से तंबाकू, जर्दा सुगंधित तंबाकू और गुटखा उत्पादों पर 40 प्रतिशत जीएसटी के अतिरिक्त अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू होगा। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा और बाजार में इन उत्पादों के दाम बढ़ेंगे।
Key Highlights:
एक फरवरी से तंबाकू और गुटखा उत्पादों पर Extra Excise Duty लागू
सिगरेट पर प्रति 1,000 स्टिक 2,050 से 8,500 रुपये तक शुल्क
गुटखा पर 91 प्रतिशत और जर्दा पर 82 प्रतिशत उत्पाद शुल्क
नई एमआरपी आधारित जीएसटी मूल्यांकन प्रणाली लागू
पैकिंग मशीनों पर सीसीटीवी और 24 महीने तक फुटेज रखना अनिवार्य
Tobacco products hit by extra excise duty : सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर कितना लगेगा शुल्क
अधिसूचना के अनुसार सिगरेट पर उसकी लंबाई और फिल्टर के आधार पर प्रति एक हजार स्टिक पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा। वहीं चबाने वाला तंबाकू और जर्दा सुगंधित तंबाकू अब 82 प्रतिशत उत्पाद शुल्क के दायरे में आएंगे, जबकि गुटखा पर यह दर 91 प्रतिशत तय की गई है।
सरकारी आकलन के मुताबिक, फरवरी से 15 रुपये में मिलने वाली सिगरेट की कीमत बढ़कर करीब 18 रुपये तक पहुंच सकती है।
Tobacco products hit by extra excise duty : क्षतिपूर्ति उपकर की जगह नया कर, राज्यों को मिलेगा हिस्सा
नई व्यवस्था के तहत ये कर उस क्षतिपूर्ति उपकर का स्थान लेंगे, जो फिलहाल हानिकारक उत्पादों पर लगाया जा रहा है। तंबाकू उत्पादों के लिए एक नई एमआरपी आधारित मूल्यांकन प्रणाली लागू की गई है, जिसमें पैकेट पर घोषित खुदरा बिक्री मूल्य के आधार पर जीएसटी मूल्य तय होगा।
उत्पाद शुल्क से प्राप्त राजस्व वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों के बीच साझा किया जाएगा। केंद्र सरकार की विभाज्य निधि में शामिल इस कर का 41 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलेगा।
Tobacco products hit by extra excise duty : पैकिंग मशीनों पर सीसीटीवी अनिवार्य, छूट के भी प्रावधान
तंबाकू, जर्दा सुगंधित तंबाकू और गुटखा बनाने वाली कंपनियों को एक फरवरी से सभी पैकिंग मशीनों पर सीसीटीवी प्रणाली लगानी होगी। इसकी फुटेज कम से कम 24 महीने तक सुरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है।
हालांकि यदि कोई पैकिंग मशीन लगातार न्यूनतम 15 दिनों तक बंद रहती है, तो विनिर्माता उत्पाद शुल्क में छूट का दावा कर सकता है। इसके लिए विभाग को तीन कार्यदिवस पहले सूचना देना और मशीन को सील कराना जरूरी होगा। मशीन को दोबारा चालू करने या फैक्टरी से हटाने पर भी पूर्व सूचना देनी होगी। ये नियम पाउच में पैक होने वाले उत्पादों पर लागू होंगे, जबकि टिन के डिब्बों में बिकने वाले उत्पादों पर आकलन मूल्य के आधार पर शुल्क लिया जाएगा।
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