बिहार में चल रहा है Transfer Posting का उद्योग, RJD ने कहा ‘सीएम पर कसा है शिकंजा…’

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पटना: राजधानी पटना में स्थित राजद के प्रदेश कार्यालय में राजद के प्रवक्ता ने एक प्रेसवार्ता किया। प्रेस वार्ता के दौरान राजद के प्रवक्ता शक्ति यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा पर जम कर हमला किया। शक्ति यादव ने कहा कि बिहार की सरकार खतरे में है, बिहार खतरे में है लेकिन मुख्यमंत्री मौन हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रगति यात्रा पर निकले हैं, उनकी यात्रा के लिए कैबिनेट ने 225 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है लेकिन आज तक एक भी फूटेज या फोटो देखने के लिए नहीं मिला है जिसमें मुख्यमंत्री किसी आमजन से बात करते हुए देखे जाएं। नीतीश कुमार अब थक गए हैं, और सरकार कुछ रिटायर्ड अधिकारी चला रहे हैं। मुख्य सचिव कहीं नजर नहीं आते हैं। मुख्यमंत्री एक स्टेचू के रूप में हैं, जब उनकी चाभी भरी जाती है तभी वे बोलते हैं। वे अपनी प्रगति यात्रा में न तो आमजन से बात कर रहे हैं और न ही मीडिया से।

मुख्य सचिव भी रिटायर्ड अधिकारी के पीछे दिखाई देते हैं। अब सोचिये वे रिटायर्ड अधिकारी कितना मजबूत है कि सभी अधिकारियों, सरकार और मुख्यमंत्री तक पर शिकंजा कसा हुआ है। राज्य में ट्रान्सफर पोस्टिंग का उद्योग चल रहा है। रिटायर्ड अधिकारी के आतंक से त्रस्त हो कर भट्ठी जैसे इमानदार पुलिस अधिकारी बिहार के डीजीपी पद को छोड़ कर चले गए। राज्य में अभी लूट का उद्योग चल रहा है और सभी अधिकारी के दिमाग में है कि ‘लूट सको जो लूट, बाद में पछताए हो क्या जब मौका जाये छूट’।

शक्ति सिंह यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमला करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद मुख्यमंत्री आवास में काम कर रहे एक सिपाही, एक चपरासी की सही से जांच की जाये तो मुझे लगता है कि बिहार का एक वर्ष का बजट तैयार हो जायेगा। राज्य में कैसी सरकारी व्यवस्था है कि सत्ताधारी दल का एक पार्टनर खुद स्वीकार करता है कि बगैर पैसा के बिहार में कोई काम नहीं होता है। शक्ति यादव ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार के मुख्य सचिव इन दिनों बौना हो गए हैं।

बिहार में लगातार ट्रान्सफर पोस्टिंग हो रहा है। आजादी के बाद बिहार में जितने भी मुख्यमंत्री हुए सभी लोगों ने बिहार को आगे बढ़ाने के लिए कुछ न कुछ किया लेकिन नीतीश कुमार थक गए हैं। राज्य की सरकार संस्थागत भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है। बिहार में एक आईएएस अधिकारी पर छापेमारी हुई, कई लोगों को नोटिस मिली। लेकिन भाजपा ने जैसे ही शिकंजा कसा बस चुप्पी छा गई। मुख्यमंत्री आवास को चारों तरफ से घेर कर पूरे शासन को कब्जे में ले लिया गया है।

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पटना से महीप राज की रिपोर्ट

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