चुनावी हार के बाद खेसारी लाल का यू-टर्न, बोले मैं नेता नहीं बनना चाहता, मैं शुरू से विरोध में था
पटना : बिहार चुनाव में करारी हार के बाद भोजपुरी स्टार और सिंगर खेसारी लाल ने बयान दिया है। वे राजद के टिकट पर छपरा सीट से उम्मीदवार थे और चुनाव में जमकर पसीना बहाया था। चुनाव में जीत के लिये कोई कोर कसर नहीं छोड़ा था। हालांकि बीजेपी उम्मीदवार छोटी कुमारी से लगभग 7600 वोट से हार गये थे।

हार के बाद लोग कर रहे नाम बदलने की मांग
अब उनका बयान आया है कि मैं नेता नहीं बनना चाहता था। मैं शुरू से ही चुनाव के विरोध में था। मेरे जैसे आदमी के लिये राजनीति नहीं है। गौरतलब हो कि चुनाव में जीत के लिये खेसारी ने रोड शो से लेकर बड़े बड़े नारे भी दिये। यहां तक की हिन्दू आस्था को लेकर भी बयान दिया था। उन्होंने यहां तक कहा था कि चुनाव जीत कर ना दिखाया तो मेरा नाम बदल देना। अब उनके इस बयान को लेकर लोग नाम बदले की बात कह रहे हैं।
हार के बाद दिया था भावुक बयान
खेसारी लाल ने चुनाव में हार के बाद काफी भावुक भी हो गये थे। सोशल मीडिया पर बयान जारी करते वक्त कहा कि मैं हमेशा से एक बेटे की तरह आप लोगों के बीच में रहना चाहता था और रहूँगा भी। आगे भी यह प्रयास करूंगा की बेटे की तरह आपका प्यार और स्नेह मिलता रहे। हमने प्रयास किया मेरी टीम और मुझसे जुड़े सभी लोगों ने मेहनत की। जीत हार अपनी जगह है मेरे दिल और जुबान में आप लोगों के लिये हमेशा सम्मान था और रहेगा।

भोजपुरी के कई कलाकार संसद तक पहुँच चुके हैं
चुनाव में भाग्य आजमाना अभिनेताओं के लिये नया नहीं है। अपनी लोकप्रियता को सीढ़ी बना कर इससे पहले भी भोजपुरी सिनेमा के कई गायक और कलाकार चुनाव में जीत दर्ज करा कर संसद पहुँच चुके हैं। चुनाव प्रचार में भीड़ जुटाने के लिये पार्टियों के द्वारा स्टार प्रचारक के रूप में इनका इस्तेमाल पहले से भी होता आया है। भोजपुरी सिनेमा के मनोज तिवारी, रवि किशन, निरहुआ आदि कई कलाकार बीजेपी सांसद के रूप में अभी है। ऐसे में फिल्मी गानों के बहाने दर्शकों के चहेते बने ये कलाकार पैसे के बल पर चुनाव में भाग्य आजमाने से परहेज नही करते हैं।
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