रांची: झारखंड में विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगे हैं। पूर्व कांग्रेस विधायक उमा शंकर अकेला ने कहा है कि पार्टी ने उन्हें टिकट के बदले दो करोड़ रुपये की मांग की थी। इस विवाद के बाद, अकेला ने समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है और बरही विधानसभा क्षेत्र से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
अकेला का आरोप है कि कांग्रेस में टिकट वितरण में पैसे का बड़ा खेल चल रहा है। उन्होंने मीडिया को बताया कि जब उन्होंने टिकट के लिए आवेदन किया, तो उनसे दो करोड़ रुपये की मांग की गई। यह आरोप कांग्रेस के भीतर असंतोष और भ्रष्टाचार को उजागर करता है। अकेला ने यह भी कहा कि अगर उन्हें पैसे मिलते, तो वह इस स्थिति को स्वीकार कर लेते, लेकिन उन्हें यह स्वीकार नहीं था।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कई नेताओं ने कहा है कि उमा शंकर अकेला का यह बयान उनकी निराशा और गुस्से का परिणाम है। हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि क्या उनके पास इस मांग का कोई ठोस प्रमाण है, जैसे ऑडियो या वीडियो।
कांग्रेस के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर असंतोष के संकेत मिल रहे हैं, जिससे गठबंधन में तनाव बढ़ सकता है। यह स्थिति कांग्रेस की छवि पर भी असर डाल सकती है, खासकर जब बात हो चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता की।
उमा शंकर अकेला के आरोपों ने स्पष्ट कर दिया है कि झारखंड की राजनीति में टिकट के लिए पैसे का लेन-देन एक गंभीर मुद्दा बन गया है। इस घटनाक्रम से यह सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस को इस मामले पर उचित स्पष्टीकरण देना चाहिए, ताकि उनके कार्यकर्ताओं और समर्थकों में विश्वास बना रहे।
यह घटनाक्रम न केवल कांग्रेस के लिए बल्कि झारखंड की राजनीतिक स्थिति के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि आगामी चुनावों में इससे उनकी संभावनाएँ प्रभावित हो सकती हैं।