नई दिल्ली : आज एक फरवरी है। देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला आज दिन है। आज संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 9वां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। इस बजट से जहां टैक्सपेयर्स को राहत की उम्मीद है तो वहीं मिडिल क्लास से लेकर गांव-किसान की नजरें भी सरकार पर टिकी हैं। निवेशक इस बात पर टिके हैं कि सरकार ग्रोथ और वित्तीय संतुलन के बीच कैसा तालमेल बैठाती है। यह बजट ऐसे वक्त में आ रहा है जब एक तरफ देश की घरेलू मांग मजबूत बताई जा रही है तो दूसरी तरफ दुनिया में उथल-पुथल का माहौल है। अमेरिकी टैरिफ नीतियों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है।
‘विकास, सुधार और स्थिरता के रास्ते पर भारत…’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश कर रही हैं। उन्होंने कहा, घरेलू विनिर्माण क्षमता का निर्माण किया गया, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया गया। सरकार ने लोकलुभावनवाद की बजाय आम लोगों को प्राथमिकता दी। सरकार ने बयानबाजी की जगह सुधारों को चुना। मोदी सरकार ने असमंजस छोड़कर निर्णायक कार्रवाई का रास्ता अपनाया। भारत की विकास यात्रा लगातार आर्थिक वृद्धि और नियंत्रित महंगाई से चिन्हित रही है। नीतिगत फैसलों से मजबूत मैक्रो-आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट भाषण की शुरुआत कर दी है। वे पूरा रोडमैप रख रही हैं। देश की EV-सेमीकंडक्टर से हाउसिंग सेक्टर तक बड़े ऐलानों पर नजर है।

दिल्ली-वाराणसी समेत 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
बजट में दिल्ली-वाराणसी समेत सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया गया है। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित होगी। दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी में भी हाई-स्पीड रेल कॉरीडोर बनेंगे। पांच वर्षों में पांच औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर के लिए 20 हजार करोड़ का प्रस्ताव दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में घोषणा की कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया है।
सरकार का इन 6 सेक्टर पर फोकस – निर्मला सीतारमण
आर्थिक विकास को गति देने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, तेजी और स्थिर आर्थिक वृद्धि के लिए हम छह क्षेत्रों पर फोकस करेंगे। सात रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार, परंपरागत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन, चैंपियन MSMEs का निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बढ़ावा, दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना, सिटी इकोनॉमिक रीजन का विकास है।

बायो फार्मा सेक्टर के लिए क्या ऐलान?
बायो-फार्मा सेक्टर के लिए बड़ा एलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को वैश्विक बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के लिए मैं ‘बायो फार्मा शक्ति’ योजना का प्रस्ताव रखती हूं। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया जाएगा। इससे बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार होगा।
वित्त मंत्री के बड़े ऐलान
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत करेंगे। इसके साथ ही उद्योग-नेतृत्व वाले रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटरों पर फोकस किया जाएगा, ताकि तकनीक आधारित और कुशल वर्कफोर्स तैयार की जा सके। वित्त मंत्री ने वैश्विक हालात पर बात करते हुए कहा कि आज हम ऐसे बाहरी माहौल का सामना कर रहे हैं, जहां व्यापार और बहुपक्षवाद दबाव में हैं और संसाधनों तक पहुंच तथा सप्लाई चेन बाधित हैं। नई तकनीकें उत्पादन प्रणालियों को बदल रही हैं, वहीं पानी, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत विकसित भारत की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता रहेगा, जहां महत्वाकांक्षा और समावेशन के बीच संतुलन होगा। बढ़ती अर्थव्यवस्था और व्यापार व पूंजी की जरूरतों के साथ भारत को वैश्विक बाजारों से गहराई से जुड़ा रहना होगा, ज्यादा निर्यात करना होगा और स्थिर दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करना होगा।

निर्मला सीतारमण ने कहा- 10 हजार करोड़ का SME ग्रोथ फंड
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि 10 हजार करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड रहेगा। टेक्सटाइल सेक्टर को भी सरकार बूस्टर देगी। पांच लाख से ऊपर आबादी वाले शहरों में सरकार इन्फ्रा बूस्ट करेगीठ
विकास का लाभ हर किसी तक पहुंचे – वित्त मंत्री
निर्मला सीतारमण ने कहा, मैं देश की जनता का आभार व्यक्त करती हूं, जो दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की हमारी यात्रा में मजबूती से हमारे साथ खड़ी रही। हमारा लक्ष्य आकांक्षाओं को उपलब्धियों में और संभावनाओं को प्रदर्शन में बदलना है, ताकि विकास का लाभ हर किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमंतू समुदायों, युवाओं, गरीबों और महिलाओं तक पहुंचे। वित्त मंत्री ने बजट भाषण की शुरुआत में यह भी कहा कि सरकार ने बयानबाजी की बजाय सुधारों को प्राथमिकता दी और इसी नीति की वजह से जारी भू-राजनीतिक संकटों के बावजूद भारत 7.2 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर हासिल करने में सफल रहा।

वित्त मंत्री ने बताया कैसे 7 फीसदी ग्रोथ हासिल की
वित्त मंत्री ने कहा, हमने दूरगामी संरचनात्मक सुधारों, वित्तीय सतर्कता और मौद्रिक स्थिरता का रास्ता अपनाया, साथ ही सार्वजनिक निवेश पर मजबूत जोर दिया। आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक मानते हुए घरेलू विनिर्माण क्षमता मजबूत की गई, ऊर्जा सुरक्षा को सशक्त किया गया और अहम आयात पर निर्भरता कम की गई। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि सरकार के हर कदम का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे। रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता, घरेलू क्रय शक्ति और सेवाओं तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए सुधार किए गए। इन उपायों से करीब सात प्रतिशत की उच्च विकास दर हासिल हुई और गरीबी घटाने व लोगों के जीवन स्तर में सुधार में अहम प्रगति हुई।
‘पिछले 12 वर्षों में जब से हमने जिम्मेदारी संभाली है, देश की आर्थिक यात्रा स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, सतत विकास और नियंत्रित महंगाई से पहचानी गई है’
संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में जब से हमने जिम्मेदारी संभाली है, देश की आर्थिक यात्रा स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, सतत विकास और नियंत्रित महंगाई से पहचानी गई है। यह अनिश्चितता और वैश्विक व्यवधानों के दौर में लिए गए हमारे सोच-समझकर किए गए फैसलों का नतीजा है।

सेवा क्षेत्र पर फोकस, नई तकनीक और कुशल भारत का रोडमैप
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि 1,000 करोड़ से अधिक के एकल बॉन्ड के लिए 100 करोड़ के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार ने एक बार फिर सेवा क्षेत्र पर जोर देने का फैसला किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि किसान, महिलाएं, युवा और दिव्यांगजन सभी के लिए नई तकनीक बेहद जरूरी है और इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। पिछले एक दशक के प्रयासों के चलते 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे हैं। युवा भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सेवा क्षेत्र को फिर से मजबूती दी जा रही है। शिक्षा से रोजगार और उद्यम तक के सफर को मजबूत करने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थाई समिति बनाई जाएगी, जो विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर विशेष जोर देगी। सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक सेवा क्षेत्र में 10 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी के साथ भारत अग्रणी बने। विकसित भारत के लिए कुशल पेशेवर तैयार करने को लेकर कई प्रस्ताव रखे गए हैं। इसके तहत निजी और सरकारी क्षेत्र में नए AHP संस्थान स्थापित किए जाएंगे और अगले पांच वर्षों में एक लाख AHP को सिस्टम में जोड़ा जाएगा।
7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि शहरों के बीच विकास-संयोजक के रूप में सात हाई-स्पीड रेल कॉरीडोर बनेंगे। कॉरपोरेट मित्रों के संवर्ग की तैयारी के लिए पेशेवर संस्थानों को सुविधा मिलेगी। सेमीकंडक्टर के विस्तार के लिए आईएसएम 2.0 का शुभारंभ करेंगे। आंशिक लोन गारंटी के लिए इंफ्रा जोखिम गारंटी निधि स्थापित होगी। कार्गो के पर्यावरण अनुकूल आवागमन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्ताव हैं। अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू होंगे। सरकारी कैपेक्स में तेजी के लिए 12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है।

• मुंबई-पुणे
• पुणे-हैदराबाद
• हैदराबाद-चेन्नई
• हैदराबाद-बेंगलुरु
• चेन्नई-बेंगलुरु
• दिल्ली-वाराणसी
• वाराणसी-सिलीगुड़ी
हर जिले में गर्ल हॉस्टल की सौगात
• हर जिले में एक गर्ल हॉस्टल बनाया जाएगा।
• विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव।
• विद्युत वित्त निगम और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के पुनर्गठन का प्रस्ताव।
• विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमावली की होगी व्यापक समीक्षा।
• कॉरपोरेट बॉन्ड्स पर पूर्ण रिटर्न स्वैप शुरू करने का प्रस्ताव।
• बड़े शहरों में अधिक मूल्य के म्युनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा देने पर जोर।
ग्रामीण विकास और खेल उद्योग
• महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना का प्रस्ताव।
• एक जिला-एक उत्पाद को बढ़ावा, ग्रामीण युवाओं को फायदा।
• भारत के सस्ते खेल सामान के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की संभावना।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च
• 2026-27 में पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपए।
• टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रा मजबूती पर जोर।
• पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इंफ्रा विकास जारी।
• आंशिक लोन गारंटी के लिए इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड।
• समर्पित REITs से रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रीसाइक्लिंग।
रेल, जलमार्ग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट
• सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शहरों के बीच विकास सेतु बनेंगे।
• दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर।
• अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग।
• बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं।
• समुद्री विमान VGF योजना की शुरुआत।

ग्रीन इंडस्ट्री और कार्बन कैप्चर
• औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण पर जोर।
• पांच वर्षों में पांच औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव।
वस्त्र, हथकरघा और फाइबर सेक्टर पर फोकस
• रेशम, ऊन और जूट के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना।
• पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना।
• बुनकरों और कारीगरों के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम।
• टैक्स-इको पहल से वैश्विक प्रतिस्पर्धी परिधानों को बढ़ावा।
• वस्त्र कौशल उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 ।
• मेगा टेक्सटाइल्स पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव।
खनिज, केमिकल और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग
• दुर्लभ खनिज कॉरिडोर के लिए खनिज संपन्न राज्यों की मदद।
• ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में खनिज कॉरिडोर।
• तीन समर्पित केमिकल पार्कों की स्थापना के लिए नई योजना।
• ऑटोमेटेड सर्विस ब्यूरो के तहत दो हाई-टेक टूल रूम।
• 10 हजार करोड़ रुपए के बजट के साथ कंटेनर विनिर्माण योजना।
बायोफार्मा में भारत बनेगा ग्लोबल हब
• भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
• अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपए के परिव्यय से ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना।
• बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा।
• केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) को मजबूत करने का प्रस्ताव।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का शुभारंभ
• भारतीय IP डिजाइन और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर फोकस।
• उद्योग आधारित अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होंगे।
• इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना में लक्ष्य से पहले दोगुना निवेश।
• इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण योजना का परिव्यय बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपए।

TREDS और MSME फाइनेंसिंग को मजबूती
बजट में सरकारी खरीद की जानकारी साझा करने के लिए GeM को TREDS से जोड़ा जाने का ऐलान किया गया। TREDS के जरिए MSME को अबतक सात लाख करोड़ रुपए से अधिक की फंडिंग की जाएगी। TREDS को लेन-देन निपटान प्लेटफॉर्म के रूप में अनिवार्य किया गया। बीजक छूट के लिए CGTMSE के माध्यम से ऋण गारंटी सहायता दी जाएगी। TREDS प्राप्तियों को आस्ति-समर्थित प्रतिभूतियों के रूप में पेश किया जाएगा।
MSME पर बड़ा दांव, चैंपियन बनाने की तैयारी
• केंद्र और राज्यों के साथ मिलकर उच्च स्तरीय समितियों का गठन।
• 200 विरासत औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने की योजना।
• MSME के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की SME विकास निधि का प्रस्ताव।
• आत्मनिर्भर भारत निधि में दो हजार करोड़ रुपए का टॉप-अप।
350 से ज्यादा सुधार, रफ्तार में रिफॉर्म एक्सप्रेस
निर्मला सीतारमण ने कहा कि रोजगार सृजन और विकास को गति देने के लिए व्यापक आर्थिक सुधार किए गए हैं। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद अब तक 350 से अधिक सुधारों को लागू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि रिफॉर्म एक्सप्रेस अपने तय मार्ग पर पूरी रफ्तार से चल रही है।
यह भी देखें :
आर्थिक विकास के लिए 6 बड़े फोकस एरिया
• रणनीतिक और अग्रणी क्षेत्रों में विनिर्माण को तेज करना।
• चैंपियन MSME का निर्माण।
• विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्जीवन।
• इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बढ़ावा।
• दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता।
• शहरों में आर्थिक क्षेत्रों का विकास.
बजट में MSME, इंफ्रा और विकसित भारत का रोडमैप
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला केंद्रीय बजट है। उन्होंने विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में देश की जनता के साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए आभार जताया। वित्त मंत्री ने बजट को त्रि-आयामी दृष्टिकोण पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि इन तीनों लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सहायक परिवेश, दक्ष पूंजी आवंटन और जोखिम प्रबंधन बेहद जरूरी है।

पहला कर्तव्य
आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखना।
दूसरा कर्तव्य
लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का निर्माण करना।
तीसरा कर्तव्य
सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत के अनुरूप समावेशी विकास।
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