रांची-पिस्का मोड़-पलमा एनएच-23 पर पतराचोली टोल प्लाजा से 26 जुलाई की मध्यरात्रि से टोल टैक्स लागू। कार से लेकर ट्रक तक सभी वाहनों के लिए नई दरें जारी।
NH-23 Toll Tax रांची:रांची से गुमला, लोहरदगा, बेड़ो और सिमडेगा की ओर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को अब टोल टैक्स देना होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-23 (एनएच-23) के रांची-पिस्का मोड़-पलमा खंड पर बने पतराचोली टोल प्लाजा पर उपयोगकर्ता शुल्क लागू करने की सार्वजनिक सूचना जारी कर दी है। यह नई व्यवस्था 26 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि 12 बजे से प्रभावी हो गई है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले निजी और व्यावसायिक वाहनों से निर्धारित श्रेणी के अनुसार टोल शुल्क वसूला जाएगा।
Key Highlights:
एनएच-23 के रांची-पिस्का मोड़-पलमा खंड पर टोल टैक्स लागू।
26 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि से नई दरें प्रभावी।
रांची से गुमला, लोहरदगा, बेड़ो और सिमडेगा जाने वाले वाहन चालक प्रभावित।
20 किमी दायरे के स्थानीय निजी वाहन मालिकों को ₹360 का मासिक पास।
कार के लिए ₹40 और बस-ट्रक के लिए ₹140 से टोल शुल्क शुरू।
NH-23 Toll Tax:स्थानीय लोगों को मासिक पास में राहत
एनएचएआई ने टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों को विशेष राहत दी है। ऐसे गैर-व्यावसायिक (निजी) वाहन मालिकों के लिए मासिक पास की दर 360 रुपये निर्धारित की गई है। इससे स्थानीय लोगों को रोजाना आने-जाने में कुछ राहत मिलेगी।
NH-23 Toll Tax:जानिए किस वाहन पर कितना लगेगा टोल
एनएचएआई द्वारा जारी नई दरों के अनुसार विभिन्न श्रेणी के वाहनों के लिए शुल्क इस प्रकार निर्धारित किया गया है।
| वाहन श्रेणी | एकल यात्रा | 24 घंटे में वापसी | मासिक पास | जिला पंजीकृत व्यावसायिक वाहन |
|---|---|---|---|---|
| कार, जीप, वैन | ₹40 | ₹60 | ₹1,365 | ₹20 |
| हल्के वाणिज्यिक वाहन, मिनी बस | ₹65 | ₹100 | ₹2,210 | ₹35 |
| बस, ट्रक (2 एक्सल) | ₹140 | ₹210 | ₹4,630 | ₹70 |
| 3 एक्सल वाहन | ₹150 | ₹225 | ₹5,050 | ₹75 |
| हेवी और मल्टी एक्सल (4 से 6 एक्सल) | ₹220 | ₹325 | ₹7,260 | ₹110 |
| ओवरसाइज्ड वाहन (7 या अधिक एक्सल) | ₹265 | ₹400 | ₹8,835 | ₹135 |
NH-23 Toll Tax:इन मार्गों पर चलने वालों की बढ़ेगी लागत
पतराचोली टोल प्लाजा शुरू होने के बाद रांची से गुमला, लोहरदगा, बेड़ो और सिमडेगा की ओर नियमित यात्रा करने वाले लोगों और मालवाहक वाहनों के परिचालन खर्च में बढ़ोतरी होगी। वहीं एनएचएआई का कहना है कि टोल शुल्क के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग के रखरखाव और बेहतर सुविधाओं के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे।
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