महागठबंधन प्रत्याशी आईपी गुप्ता का अनोखा कारनामा, कार्यकर्ताओं ने दूध गंगाजल से धोया, फूल व बेलपत्र चढ़ाया

सहरसा : बिहार के सहरसा जिले में पहली बार महागठबंधन के प्रत्याशी आईपी गुप्ता नामांकन करने हेलीकाप्टर से आए। नामांकन के बाद महागठबंधन के कार्यकर्ता अपने प्रत्याशी को बैठाकर दूध गंगाजल से स्नान करवाया और साथ ही साथ बेलपत्र और फूल भी चढ़ाया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में साफतौर पर देखा जा सकता है।

Goal 7 22Scope News

IP गुप्ता को नीचे बैठाकर कार्यकर्ताओं से गंगाजल, दूध व बेलपत्र चढ़वा रहे हैं

आपको बता दें कि महागठबंधन के कार्यकर्ता अपने प्रत्याशी आईपी गुप्ता को नीचे में बैठाकर कई गैलन में गंगाजल उनके शरीर पर डाल रहे हैं तो कई कार्यकर्ता गैलन में भरा हुआ दूध डाल रहे हैं। साथ ही साथ उनके शरीर पर बेलपत्र और फूल चढ़ रहा है। लगता है कोई शिवलिंग पर जल चढ़ा रहा है। यह वायरल वीडियो कल का ही बताया जा रहा है। इस वीडियो को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

प्रत्याशी हेलीकाप्टर से आए नामांकन करने, अगर जीत जाएंगे तो ये आएंगे की नहीं कोई गारंटी नहीं – पंडित बासुकी नाथ झा

वहीं इस वायरल वीडियो को लेकर पंडित बासुकी नाथ झा ने बताया कि ये प्रत्याशी हेलीकाप्टर से आए नामांकन करने अगर जीत जाएंगे तो ये आएंगे की नहीं कोई गारंटी नहीं है। गंगाजल से धुलवाना, दूध, बेलपत्र और फूल चढ़वाना क्या वो देवता हैं। क्या देवता से भी बढ़कर हैं। बेलपत्र, गंगाजल और दूध यह महादेव को चढ़ता है। महादेव तो हैं नहीं। ये सनातन धर्म का अपमान है और हिंजू जाति के लिए कलंक है।

यह भी पढ़े : इतने कम समय में बिना संसाधन के हजारों भीड़ जुटा रहे हैं आईपी गुप्ता, ‘इंकलाब यात्रा’ पर निकलेंगे IIP अध्यक्ष

EPFO New Schemes 2026: विश्वास, कर्मचारी नामांकन अभियान और Amnesty Scheme...

EPFO ने विश्वास-2026, कर्मचारी नामांकन अभियान और एमनेस्टी योजना-2026 शुरू की। लाखों कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा, पुराने विवादों के समाधान और ट्रस्टों को कानूनी...

CBSE Three Language Policy: कक्षा 9 में तीन भाषाएं अनिवार्य करने...

सीबीएसई की तीन भाषा नीति सुप्रीम कोर्ट पहुंची। कोर्ट ने केंद्र, NCERT और CBSE को नोटिस जारी कर 10 दिन में जवाब मांगा। अगली...

Jharkhand High Court: Mutation से तय नहीं होगा जमीन का Ownership,...

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि म्यूटेशन, जमाबंदी और लगान रसीद से जमीन का मालिकाना हक साबित नहीं होता। स्वामित्व विवाद का फैसला केवल सिविल...