Vidyarthi Sahayata Portal Bihar 2026: बिहार सरकार ने छात्रों की शैक्षणिक और छात्रावास से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ शुरू किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को जे.डी. वीमेंस कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में पोर्टल का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कॉलेज की छात्राओं से बातचीत कर उनकी शैक्षणिक गतिविधियों और समस्याओं की जानकारी भी ली। सरकार के अनुसार, पोर्टल के जरिए विद्यार्थी अपनी शिकायत और सुझाव ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके अलावा टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1100 के माध्यम से भी सहायता ली जा सकेगी। शिकायत दर्ज कराने वाले विद्यार्थियों की पहचान गोपनीय रखे जाने की बात कही गई है।
30 दिनों के भीतर शिकायत के निपटारे की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थी सहयोग पोर्टल का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है। विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक, छात्रावास और अन्य संबंधित समस्याओं को कभी भी ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। सरकार के अनुसार, शिकायत दर्ज होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर उसका निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा। शिकायतकर्ता को कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में भी दी जाएगी। शिकायतों की निगरानी के लिए स्वचालित नोटिस प्रणाली भी लागू की गई है। यदि शिकायत पर 10 दिनों तक कार्रवाई शुरू नहीं होती है, तो 11वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से पहला नोटिस जारी होगा। इसके बाद 20वें और 25वें दिन क्रमशः दूसरा और तीसरा नोटिस जारी करने की व्यवस्था बताई गई है।
चौथे मंगलवार को स्कूल-कॉलेजों में लगेगा विद्यार्थी सहयोग शिविर
पोर्टल के साथ-साथ विद्यार्थियों की समस्याएं सीधे सुनने के लिए हर महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में छात्र-छात्राएं अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। सरकार ने बताया कि 25 अगस्त से बिहार के सभी स्कूलों और छात्रावासों में विद्यार्थी सहयोग अभियान शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आयोजित सहयोग शिविरों के माध्यम से प्राप्त 6.42 लाख आवेदनों में से 96 प्रतिशत मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
551 स्थानों पर मॉडल स्कूल और लाइव शिक्षक सहयोग
मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे अन्य कार्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार में 534 प्रखंडों और प्रमुख शहरों को मिलाकर 551 स्थानों पर आधुनिक मॉडल स्कूल व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को घर से पढ़ाई करने के लिए मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से देर रात तक लाइव शिक्षक सहयोग उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि बेहतर शिक्षा के लिए उन्हें राज्य से बाहर जाने की मजबूरी कम हो।

उच्च शिक्षा के विस्तार पर भी सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। राज्य में एक साथ 211 नए डिग्री कॉलेज खोलने की दिशा में कदम उठाया गया है। इसके अलावा 342 बीएड कॉलेजों में डिग्री पाठ्यक्रम की सहमति का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा को किफायती बनाने की दिशा में भी पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, 10 रुपये में इंजीनियरिंग और 5 रुपये में पॉलिटेक्निक शिक्षा जैसी पहल की जा रही है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से करीब 18 हजार करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराए जाने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी।

छात्र अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचाएं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी समस्याएं और सुझाव खुलकर सरकार तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव बिहार की प्रगति और विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार का संकल्प है कि अवसरों की कमी के कारण बिहार का कोई विद्यार्थी पीछे न रहे। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाईगर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो. सुहैल, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन, युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के सचिव कौशल किशोर समेत कई अधिकारी, शिक्षाविद और छात्राएं मौजूद रहीं।

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