West Bengal Election 2026: पहले चरण की 152 सीटों पर कांटे की टक्कर, TMC-BJP में सीधी भिड़ंत

 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान। 2021 में TMC को 93 और BJP को 59 सीटें मिली थीं, इस बार मुकाबला और कड़ा।


West Bengal Election 2026 रांची: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का मुकाबला बेहद दिलचस्प और निर्णायक माना जा रहा है। पहले चरण के तहत 16 जिलों की 152 सीटों पर गुरुवार को मतदान होना है। पिछले विधानसभा चुनाव 2021 में इन सीटों पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 93 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा को 59 सीटें मिली थीं।

यानी कुल जीतने वाली सीटों का लगभग 76 प्रतिशत हिस्सा टीएमसी के खाते में गया था। हालांकि इस बार राजनीतिक समीकरण पहले से कहीं ज्यादा जटिल और मुकाबला बेहद करीबी माना जा रहा है।

West Bengal Election 2026: 48 सीटों पर बेहद कम अंतर से हुई थी जीत-हार

पिछले चुनाव के आंकड़े बताते हैं कि असली मुकाबला ‘मार्जिन’ के खेल में छिपा था। 48 सीटों पर हार-जीत का अंतर 10 हजार वोटों से भी कम रहा था। इनमें 7 सीटें ऐसी थीं जहां जीत का अंतर 1000 वोटों से भी कम था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन सीटों पर मामूली वोट स्विंग भी सत्ता का संतुलन बदल सकता है। यही कारण है कि सभी दलों ने इन सीटों पर विशेष फोकस किया है।

भाजपा और टीएमसी दोनों की रणनीति इन ‘नॉकआउट सीटों’ पर केंद्रित है, जहां स्थानीय समीकरण, उम्मीदवार की छवि और बूथ प्रबंधन निर्णायक भूमिका निभाएंगे।


Key Highlights:

• पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान

• 2021 में इन सीटों पर TMC ने 93 और BJP ने 59 सीटें जीती थीं

• 48 सीटों पर हार-जीत का अंतर 10 हजार वोट से भी कम रहा था

• 7 सीटें 1000 से कम वोटों के अंतर से तय हुई थीं

• कूचबिहार, पूर्व मेदिनीपुर, बीरभूम, जलपाईगुड़ी जैसे जिलों पर सबसे ज्यादा नजर


West Bengal Election 2026: कूचबिहार से बीरभूम तक कई जिले बने निर्णायक

कूचबिहार जिले में 9 सीटें हैं, जहां पिछली बार टीएमसी को 2 और भाजपा को 7 सीटें मिली थीं। यहां उत्तर बंगाल की राजनीति का बड़ा असर दिखता है।

बांकुड़ा की 12 सीटों में टीएमसी को 4 और भाजपा को 8 सीटें मिली थीं, जबकि पूर्व मेदिनीपुर की 16 सीटों में टीएमसी 9 और भाजपा 7 सीटों पर जीती थी। यह जिला हमेशा से राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है।

पश्चिम बर्धमान, बीरभूम, जलपाईगुड़ी, मालदा, दार्जिलिंग, दक्षिण दिनाजपुर, अलीपुरद्वार, पुरुलिया और कालिम्पोंग जैसे जिलों में भी कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

विशेष रूप से बीरभूम में पिछली बार टीएमसी ने 10 में 10 सीटें जीती थीं, जबकि कालिम्पोंग में भाजपा का प्रभाव मजबूत रहा था।

West Bengal Election 2026: सियासी नजरें 14 मंत्रियों की सीटों पर

इस चरण में राज्य सरकार के 14 मंत्रियों की साख भी दांव पर लगी हुई है। इनमें कई बड़े चेहरे शामिल हैं, जिनकी जीत या हार पूरे चुनावी नैरेटिव को प्रभावित कर सकती है।

राजनीतिक दलों के लिए यह चरण सिर्फ सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करने की भी परीक्षा है। पहले चरण के नतीजे आगे के चरणों की दिशा तय कर सकते हैं।

इस बार मुकाबला सिर्फ TMC बनाम BJP नहीं, बल्कि पिछले चुनाव के वोट अंतर को पलटने की रणनीति का भी है। यही वजह है कि बंगाल की पहली चरण की 152 सीटें पूरे देश की नजर में हैं।


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