रांचीः 19 सितंबर को तेजस्वी यादव का झारखंड में आने का कार्यक्रम है। पार्टी के तमाम छोटे-बड़े नेता कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं। लेकिन पार्टी के अंदरखाने राजद झारखंड के कई वरिष्ठ नेताओं द्वारा एक से अधिक पद रखे जाने के कारण नाराजगी बढ़ती जा रही है। ‘एक व्यक्ति एक पद’ का सिद्धांत को लागू करने की मांग बढ़ रही है।
राजद झारखंड में कई नेता एक से अधिक पद पर बने हैं। इसी कारण वरिष्ठ नेताओं पर पार्टी संविधान के खिलाफ जाकर पद हथियाने का आरोप लग रहा है, पद से मुक्त करने की मांग बढ़ रही है और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
बता दें कि प्रधान महासचिव संजय प्रसाद यादव, संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश पासवान और कोषाध्यक्ष सुभाष यादव कोर कमेटी के सदस्य होने के साथ ही अनुशासन समिति के भी सदस्य हैं।
सुरेश पासवान कहते है कि यह कोई लाभ का पद नहीं है, पार्टी संविधान के अनुसार ही दायित्व सौंपा गया है। जबकि पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव कहना है कि उन्हे पार्टी संविधान की पूरी जानकारी है, अगर मीडिया के सामने मुंह खोला तो विवाद हो जाएगा।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अभय कुमार सिंह कहते हैं कि ‘एक व्यक्ति एक पद’ जैसा कोई नियम नहीं है, इसका कोई लिखित दस्तावेज नहीं है। पार्टी में जो कुछ भी चल रहा है वह पार्टी संविधान के अनुरूप ही है।
स्पष्ट है कि अन्दरखाने पार्टी में गंभीर गुटबाजी है, सभी अपने-अपने गुट को आगे बढ़ाने में लगे है। देखना होगा की तेजस्वी के झारखंड आगवन से ऐसी कौन से संजीवनी मिलेगी जिससे कि पार्टी एकजुट हो सके।


















