क्या ब्राह्मण दलित महाभोज से दलित राजनीति को मिलेगा बूस्टर डोज या खत्म हो जाएगा ब्राह्मणों का गुस्सा

Patna-  हम प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा है कि फर्जी संगठन बनाकर कोई ब्राह्मण जाति का नेता नहीं हो जाता. बिहार के ब्राम्हण मांझी जी के साथ है. ब्राह्मण दलित महाभोज का विरोध उन्ही ब्राह्मणों द्वारा किया जा रहा है जो दलित विरोधी है.  बता दें कि कल पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के आवास पर ब्राह्मण दलित महाभोज का आयोजन किया गया है. लेकिन इस बीच हम प्रवक्ता दानिश रिजवान के बयान से विवाद और भी गहराता नजर आ रहा है.

दरअसल  मुसहर समुदाय की ओर से आयोजित एक सम्मेलन में जीतन राम मांझी ने कथित रुप में ब्राह्मण जाति के विरुद्ध टिप्पणी की थी. इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में गरमाहट तेज हो गई. ब्राह्मण और दलित जातियों के बीच विवाद गहराने लगा, ब्राह्मण जाति के कुछ एक संगठनों द्वारा जगह-जगह जीतन राम मांझी का पुतला जलाने की प्रतिक्रिया में दलित संगठनों की ओर से भी जीतन राम मांझी के पक्ष में बयानवाजी तेज गई.

एक बार पूरा बिहार जीतन राम मांझी के बयान के इर्द गिर्द घुमता नजर आने लगा. सुस्त पड़े दलित संगठनों में ताजगी आ गई. कुछ एक संगठनों द्वारा जीतन राम मांझी का पुतला दहन से उन्हे एक अवसर मिल गया. इस बीच पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने भी जीतन राम मांझी के पक्ष में बयान देकर दलितों के बीच अपनी पहुंच को विस्तार देने की पहल कर दी. यहां यह भी बता दें कि जीतन राम मांझी ने इमामगंज विधान सभा सीट से उदय नारायण चौधरी को पटकनी दी थी. आज भी उसकी टीस उदय नारायण चौधरी के दिलो-दिमाग में है. लेकिन जीतन राम मांझी पर हमले को दलितों की अस्मिता और आत्म सम्मान से जोड़कर उदय नारायण चौधरी ने अपना दलित कार्ड खेलने में देरी नहीं की.

इधर अपने पहले के बयान से मुकरते हुए जीतन राम मांझी ने दावा कर दिया  कि उन्हे गलत तरीके से पेश किया, उनके द्वारा जो भी कहा गया वह तो मुसहर समुदाय के लिए था. इसके बाद जीतन राम मांझी ने यह भी कह डाला कि उनका विरोध तो उन ब्राह्मणों से था जो मांस-मदिरा का सेवन कर पूजा करवाने आते है. शादी विवाह में मंत्र का जाप नहीं कर हनुमान चालिसा का पाठ करते है.  जीतन राम मांझी ने यह कह कर चुनौती दे डाली कि मैं खुद अपने आवास पर ब्राह्मण-दलित महाभोज का आयोजन करुंगा. लेकिन शर्त यह है कि इसमें वही ब्राह्मण शामिल होगें जिनके द्वारा कभी मांस-मदिरा का सेवन नहीं किया गया हो. जो कभी झूठ नहीं बोला हो. इसी कड़ी में कल जीतन राम मांझी के आवास पर ब्राह्मण-दलित महाभोज का आयोजन है.

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