भागलपुर : भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज के निर्माण के बाद एक और जगह बड़ा खतरा मंडराने लगा है। बिजली खंभा संख्या-121 और 122 के बीच एक्सपेंशन जॉइंट में फिर से गैप बढ़ता जा रहा है। जिसको लेकर पुल निर्माण निगम के अधिकारी अब एक बार फिर से एक्सपेशन जॉइंट के ऊपर चदरा देकर उसे ढकने का काम कर रहे हैं। जिससे लोगों को गैप नजर नहीं आए। इसी तरह का गैप-7 और 8 नंबर पिलर के बीच पुल ध्वस्त होने के पहले नजर आया था। समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और पुल का एक हिस्सा गंगा में समा गया।

एक बार फिर से एक्सपेंशन जॉइंट में हो रही गैप को ढकने का काम किया जा रहा है
आपको बता दें कि वहीं एक बार फिर से एक्सपेंशन जॉइंट में हो रही गैप को ढकने का काम किया जा रहा है। अधिकारी का कहना है कि इससे कोई दिक्कत नहीं है। यहां पर रबर कवर लगाने का काम किया जाएगा। लेकिन जब लोहे के चदरें से इसे ढाका जा रहा है तो समझा जा सकता है कि रबर कहां पर लगाया जाएगा। कहीं ना कहीं एक बार फिर से विभाग लापरवाही बरत रहा है।

पुल निर्माण के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर शशि भूषण सिंह ने इसकी जानकारी दी
पुल ध्वस्त होने के पहले भी अधिकारियों के द्वारा इसी तरह का बयान दिया गया था और कहा गया था कि पुल मजबूत है कोई दिक्कत नहीं है। अब देखने वाली बात है कि इसको लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाती है। पुल के ध्वस्त हिस्से और तीन जगह और खराब हुए हिस्से पर बेली ब्रिज का निर्माण तो जरूर कराया गया है। सवाल उठाते हैं कि क्या पांच वे जगह भी बेली ब्रिज का निर्माण कराया जाएगा। पुल निर्माण के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर शशि भूषण सिंह ने इसकी जानकारी दी।

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राजीव रंजन की रिपोर्ट
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