गर्भपात के दौरान महिला की मौत,हंगामा

हजारीबाग: भ्रूण हत्या जगन्य अपराध है .बेटा के लालच में परिवार वाले बेटी की हत्या कर देते हैं. ऐसे ही कुछ माजरा हजारीबाग के आशा किरण महिला अस्पताल में प्रकाश में आया है.

जहां इचाक के चपरख गांव की रहने वाली महिला लक्ष्मी देवी का गर्भपात करने के दौरान मौत हो गई. वह 3 महीने से गर्भवती थी. बरही के अस्पताल ने उसका भ्रूण जांच कराया और यह बताया की कोख में बेटी पाल रही है. परिवार  वालों ने सहिया की मदद से उसे हजारीबाग के आशा किरण महिला अस्पताल लिया है जहां गर्भपात करने के दौरान उसकी मौत हो गई .

यह घटना रात के 1:00 बजे की है .मृतक लक्ष्मी देवी के पति ने बताया कि सहीया की मदद से अस्पताल लाया गया था. भ्रूण जांच करना गैर कानूनी है इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों में धड़ले से भ्रूण जांच की जा रही है.

सरकार ने नियम बनाया है कि सहिया सरकारी अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को लाना है. लेकिन कुछ पैसे के लालच में ग्रामीण क्षेत्र की सहिया निजी अस्पताल ले आती हैं और बड़ी घटना घट जाती है.

इचाक में सेवा देने वाली सहिया मंजू देवी ने बताया कि सदर अस्पताल लाना था लेकिन दर्द होने के कारण उसे निजी अस्पताल लिया गया. वह 3 महीने से की गर्भवती थी. मौत के बाद परिजनों ने जमकर अस्पताल में हंगामा किया है ऐसे में लोसिघना थाना भी घटना स्थल पर पहुंची और परिजनों को भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

सूचना पाकर चनारो गांव के मुखिया भरत बिहारी महतो भी घटनास्थल पर पहुंची और कार्रवाई की मांग की है. उन्हों ने मीडिया को बताया कि     मामला बेहद गंभीर है कि कैसे एक महिला का भ्रूण जांच कराया गया और फिर बेटे के लालच में बेटी की मौत जन्म लेने के पहले ही नर्सिंग होम के स्टाफ ने कर दिया. बहरहाल इस घटना ने यह सोचने को विवश कर दिया है कि प्रशासन लाख दावा कर दे भ्रूण जांच धड़ल्ले से की जा रही है.

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