डिजिटल डेस्क : Yogi सरकार का अहम फैसला – शराब, बीयर, भांग की फुटकर दुकानों का लाइसेंस ई-लॉटरी से होगा आवंटित, नहीं होगा पुराने लाइसेंस का रिन्यूवल। Yogi सरकार ने बीते बुधवार की देर शाम हुई कैबिनेट की बैठक में अहम फैसला लिया है।
वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति में अहम बदलाव किया है। इस बदलाव हरियाणा के आबकारी मॉडल को आंशिक रूप से लिए लिया गया लेकिन इसे Yogi सरकार ने अपना नया लुक देने का प्रयास किया है। इसके तहत आबकारी विभाग इस बार पुराने लाइसेंस का रिन्यूवल नहीं करेगा।
तय हुआ है कि आबकारी विभाग में देशी-विदेशी शराब, बीयर, भांग की फुटकर दुकानों का लाइसेंस ई-लॉटरी से होगा।
Yogi कैबिनेट ने आबकारी नीति में अहम बदलाव…
Yogi कैबिनेट की CM Yogi आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में यूपी की आबकारी नीति में अहम बदलाव करने पर सहमति बनी। इसके तहत ही कैबिनेट ने 2025-26 की आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। इसे सरकार की ओर से आज गुरूवार को सार्वजनिक किया जाना है।
नई नीति में देशी-विदेशी शराब, बीयर, भांग की फुटकर दुकानों का लाइसेंस आवंटन ई-लॉटरी से करने के साथ ही इस बार पुराने लाइसेंस का रिन्यूवल नहीं करने का फैसला लिया है।
लेकिन इसी क्रम में यह साफ कर दिया गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में लाइसेंस रिन्यूवल का विकल्प दिया जाएगा।। बता दें कि इससे पहले वित्तीय वर्ष 2018-2019 में ई-लॉटरी से दुकानें आवंटित हुई थी।

हरियाणा की तरह यूपी में बीयर, देशी और अंग्रेजी शराब एक ही दुकान में…
हरियाणा के आंशिक मॉडल को अपनाते हुए Yogi कैबिनेट ने अपने आबकारी नीति में आबकारी दुकानों को नया लुक देने का प्रयास किया है। यूपी की आबकारी नीति में बड़ा बदलाव हुआ है। अब लाइसेंस लाटरी सिस्टम से मिलेगा। साथ ही हर तरह की शराब एक ही दुकान से बेची जा सकेगी।
आबकारी नीति में प्रदेश में पहली बार कंपोजिट दुकानों का लाइसेंस भी जारी किया जाएगा, जिसमें विदेशी शराब, बीयर और वाइन की एक साथ बिक्री की सुविधा होगी। हालांकि इन दुकानों पर शराब पीने की अनुमति नहीं होगी।
खास बात यह कि नई नीति में देशी मदिरा एसेप्टिक ब्रिक पैक में बिक्री के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इसका इस्तेमाल करने से शराब में मिलावट होने की आशंका खत्म होती है।

Yogi कैबिनेट का नई आबकारी नीति से 55 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य
बताया जा रहा है कि Yogi कैबिनेट ने नई नीति में 55 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष से 4000 करोड़ रुपये अधिक है। नई आबकारी नीति के तहत के तहत मॉल्स के मल्टीप्लेक्स एरिया में प्रीमियम ब्रांड की दुकानें खोलने की अनुमति नहीं होगी।
हालांकि सक्षम स्तर से अनापत्ति मिलने पर हवाई अड्डों, मेट्रो व रेलवे स्टेशनों पर मुख्य भवन में प्रीमियम रिटेल की दुकानें अनुमन्य हाेंगी। इनका मुख्य द्वार भवन के अंदर होने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। वहीं, पहली बार विदेशी मदिरा की 60 एमएल और 90 एमएल की बोतलों की बिक्री की अनुमति भी दी गई है।
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