पटना : मुख्य सचिवालय स्थित सभागार में आज बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय Narco Coordination Centre (NCORD)की 9वीं एपेक्स कमेटी (शीर्ष स्तरीय समिति) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध खेती और दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना था। बैठक की शुरुआत में गृह विभाग द्वारा राज्य में मादक पदार्थों की वर्तमान स्थिति और पिछले निर्णयों के अनुपालन पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य स्तर पर एनकॉर्ड की बैठक त्रैमासिक और जिला स्तर पर मासिक रूप से अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य स्तर पर एनकॉर्ड की बैठक त्रैमासिक और जिला स्तर पर मासिक रूप से अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे एनकॉर्ड पोर्टल पर बैठकों और कार्यवाही की रिपोर्ट समयबद्ध तरीके से अपलोड करना सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बैठक के समापन में दोहराया कि राज्य सरकार नशीले पदार्थों के कारोबार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। इस अभियान की सफलता के लिए नीतिगत मामलों में बेहतर समन्वय और जमीनी स्तर पर सभी हितधारकों (Stakeholders) का सक्रिय सहयोग अनिवार्य है।

पिछली बैठक की समीक्षा – एक जुलाई 2024 को आयोजित पिछली NCORD बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की गई।
तकनीक का उपयोग – अफीम और गांजा की अवैध खेती की पहचान और समय पर नष्टिकरण के लिए भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लीकेशन्स एंड जियो-इंफॉर्मेटिक्स (BISAG) और एडवांस्ड डाटा प्रोसेसिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (ADRIN) से प्राप्त सैटेलाइट डाटा का उपयोग करने का निर्देश दिया गया।
क्षमता निर्माण – राज्य स्तरीय ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसियों (DLEAs) की क्षमता वृद्धि पर जोर दिया गया ताकि ड्रग सिंडिकेट्स की प्रभावी पहचान और धरपकड़ की जा सके।
जागरूकता अभियान – नशामुक्ति के प्रति सामाजिक चेतना लाने के लिए प्रमुख आध्यात्मिक संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर कर उनके माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
कानूनी सुदृढ़ीकरण – गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देशों के आलोक में राज्य में विशेष एनडीपीएस न्यायालयों की स्थापना और ट्रायल कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से साक्ष्य प्रस्तुत करने की व्यवस्था को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

पुनर्वास – जिला स्तर पर नशामुक्ति, पुनर्वास और परामर्श केंद्रों (De-addiction & Rehabilitation Centres) की स्थापना और उनके प्रभावी संचालन पर बल दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था – नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) कार्यालय की सुरक्षा हेतु बिहार पुलिस कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
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