Ranchi– रांची में राजनेताओं और पत्रकारों द्वारा मात्र दो दिनों के मैत्री क्रिकेट मैच में करीबन 42 लाख रुपये के घपले की बात सामने आने से झारखंड की राजनीतिक में भूचाल आ गया है. भाजपा प्रवक्ता प्रतुलनाथ शाहदेव ने कहा है कि हेमंत सरकार एक ओर फंड का रोना रोती है और दूसरी ओर कैनवास बॉल वाले मैत्री क्रिकेट मैच में 30 लाख रुपयों का किट बांटती है. 2 दिन के इस मैत्री मैच में कुल 3 टीमें ने हिस्सा लिया, जबकि किट बांटा गया 1001.
भाजपा ने बताया फिजूलखर्ची, की जांच की मांग
बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने दो मैत्री क्रिकेट मैचों के आयोजन पर 42 लाख की राशि खर्च करने को सरकार की फिजूल खर्ची करार देते हुए पूरे मामले की जांच करवाने की मांग की.

यहां बता दें कि सीएम एकादश बनाम विधानसभा अध्यक्ष एकादश और सीएम एकादश बनाम पत्रकार एकादश के बीच मैत्री मैच खेला गया था. पहला मैच 11 मार्च 2021 को सीएम एकादश बनाम विधानसभा अध्यक्ष एकादश के बीच हुआ था. इस मैच के आयोजन में लगभग 30 लाख रुपये की राशि खर्च किए जाने की बात की जा रही है. जबकि दूसरा मैच 22 मार्च को सीएम एकादश बनाम पत्रकार एकादश के बीच हुआ. इसके आयोजन पर भी लगभग 12 लाख रुपये खर्च किए जाने का आरोप है. इस प्रकार इन दोनों मैचों के आयोजन पर कुल 42 लाख रुपये खर्च किए जाने का दावा किया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार खेल विभाग ने इस बिल को कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा है.
इरफान अंसारी ने किया पलटवार, पूर्व की सरकार खा गई 65 लाख का चॉकलेट

भाजपा के इस आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने भाजपा के शासन काल को याद दिलवाते हुए कहा कि भाजपा को इस तरह की हल्की बयानबाजी से परहेज करनी चाहिए. क्रिकेट जैसे खेल पर पैसा खर्च होना गर्व की बात है. पूर्व की इरफान अंसारी ने कहा कि भाजपा सरकार तो ₹6500000 का चॉकलेट खा गई. क्रिकेट और महेंद्र सिंह धोनी ने झारखंड को नई पहचान दी है, ऊंचाईयों पर पहुंचाया है। 35 लाख रुपया क्या अगर सरकार खेलों पर करोड़ों रुपये भी खर्च करती है तो यह गर्व की बात होगी.
क्रिकेट सहित अन्य खेलों को आगे बढ़ाने के प्रयास से भाजपा में बौखलाहट है- इरफान अंसारी
क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों को सरकार आगे बढ़ा रही है। खिलाड़ियों को सम्मान और नौकरी मिलने से भाजपा में बौखलाहट है।हेमन्त सरकार झारखंडी को रोजगार और नौकरी दे रही है जिससे भाजपा पचा नहीं पा रही है. इस आरोप के लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को माफी मांगना चाहिए. इस तरह की हल्की बयानबाजी से खिलाड़ियों और युवाओं में गलत संदेश जाएगा और उनका मनोबल गिरेगा. इसे कभी माफ नहीं किया जा सकता. हेमंत सरकार से खिलाड़ियों में उम्मीद बंधी है. खासकर महिला खिलाड़ियों में नया ऊर्जा का संचार हुआ है. भाजपा की सोच आदिवासी और खिलाड़ी विरोधी है. भाजपा ने कभी खिलाड़ियों को सम्मान नहीं दिया. हेमंत सोरेन द्वारा खिलाड़ियों को किए जा रहा सम्मान से जनता में खुशी की लहर है.
रिपोर्ट- मदन

















