मुंगेर: आज भी त्रासदी का वो मंजर भूल नहीं पाते लोग

1934 में आज ही के दिन मुंगेर में आया था भूकंप

मुंगेर: आज भी त्रासदी का वो मंजर लोग भूल नहीं पाते हैं. 1934 में आज ही के दिन भयंकर भूकंप आया था, जिसमें मुंगेर लगभग तबाह हो चुका था. जिसे याद करते हर साल की तरह इस साल भी बरसी मनाया गया और दरिद्र नारायण भोज का आयोजन किया गया.

munger1 22Scope News

त्रासदी: हजारों लोगों की हो गई थी मौत

15 जनवरी 1934 को आए भयंकर भूकंप जिसमें पूरा मुंगेर लगभग तबाह हो चुका था. इस भूकंप में मारे गए हजारों लोगों की आत्मा की शांति के लिए हवन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. वहीं हवन कार्यक्रम के बाद विजय चौक पर दरिद्र नारायण भोज का आयोजन किया गया. जहां सैकड़ों गरीबों ने भरपेट स्वादिष्ट भोजन का आनंद उठाया.

munger2 22Scope News

भोज खाने आए लोगों को तिलक लगा किया स्वागत

खाने के पूर्व मुंगेर के व्यापारी वर्ग के द्वारा सबसे पहले भोज खाने आए लोगों को तिलक लगा स्वागत किया गया. और उसके बाद टेबल कुर्सी पर आदर पूर्वक बैठा मुंगेर योग आश्रम के तरफ से मिले स्टील के बर्तनों में सभी को तरह तरह के पकवान खाने को दिए गए. इस भोज में नव निर्वाचित मेयर और नगर आयुक्त ने भी अपना योगदान देते हुए लोगों को खाना खिलाते दिखे.

त्रासदी: दरिद्र नारायण भोज का आयोजन

संजय कुमार ने बताया कि यह आयोजन 1935 से हर वर्ष लगातार होता चला आ रहा है. इस बार इसमें कुछ नयापन किया गया. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मृत आत्माओं को शांति के साथ साथ 1934 जैसा भूकंप मुंगेर पुनः न देख पाए इसको ले भी हवन और दरिद्र नारायण भोज का आयोजन किया गया.

बताते चलें कि 15 जनवरी 1934 को आए भूकंप में मुंगेर शहर मलवे की ढेर में तब्दील हो गया था. उसी घटना की याद में बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की ओर से पूरे राज्य में 15 जनवरी को भूकंप दिवस मनाया जाता है.

रिपोर्ट: अमृतेश सिन्हा

Saffrn

Trending News

Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions

Social Media

194,000FansLike
27,500FollowersFollow
628FollowersFollow
695,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img