धनबाद : कोयलांचल धनबाद के झरिया में बगैर लायसेंस पटाखों की बिक्री भंडारण और निर्माण बेरोकटोक जारी है।इसका खुलासा रांची के एक समाजसेवी वकार आलम के द्वारा सूचना के अधिकार के तहत धनबाद जिला प्रशासन से मांगी गई जानकारी के बाद हुआ है।
वकार ने बगैर बारूद लायसेंस पटाखा निर्माण,भंडारण एवं बिक्री करने वाले तमाम दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उपायुक्त से की है।साथ ही राज्य के वरीय अधिकारियों को भी प्रतिलिपि भेज कार्यवाई की मांग की है।
मांगी गई जानकारी के बाद धनबाद उपायुक्त कार्यालय ने गत 23 मई को ही पार्थी को बगैर लायसेंस पटाखा दुकानों के संचालन के सम्बंध में जानकारी दी।लेकिन जिला प्रशासन धनबाद के झरिया थाने की पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नही की है।
ऐसी लापरवाही बरतने पर बताते चलें कि 31 साल पहले हुए झरिया पटाखा कांड की पुनरावृत्ति कभी भी हो सकती है। 25 अक्टूबर 1992 को झरिया के सिंदुरिया पट्टी में कल्लू पटाखा दुकान में महज एक चिंगारी से भीषण आग लग गई थी। दर्जनों लोगों की मौत हुई और सैकड़ो लोग घायल हुए थे।
तत्कालीन बिहार सरकार ने 29 मौत की पुष्टि की थी। इस मामले में आज तक किसी शख्स के परिजन को मुआवजा नहीं मिला और झरिया के लोग जब उस घटना को याद करते हैं तो उनका शरीर आज भी सीहर जाता है।







