रांची: जिला में रातू थाना क्षेत्र के जमीन कारोबारी कमरुल हक को टीपीसी उग्रवादियों ने जान से मारने की साजिश रची थी। इस साजिश का प्रकटीकरण हजारीबाग जेल से किया गया था, जहां बंद टीपीसी उग्रवादी अर्जुन करमाली और छोटन तुरी को मिलकर रांची के रातू इलाके के जमीन कारोबारी कमरुल हक से रंगदारी की मांग करने की योजना बनाई गई थी।
साजिश के लिए अर्जुन करमाली ने अपने छोटन तुरी के बेटे टीपीसी उग्रवादी राहुल तुरी को जिम्मेदार बनाया था। राहुल तुरी और आलोकजी ने इंटरनेट कॉल के जरिए कमरूल हक से रंगदारी की मांग की, लेकिन कमरुल हक ने रंगदारी के रूप में 50 लाख रुपये देने से इनकार कर दिया।
इसके बाद आलोकजी ने रंगदारी की धमकियाँ भेजी, लेकिन इससे कमरुल हक नहीं डरे और पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करवा दी। फिर भी धमकियों के सिलसिले में कई बार अनचाहे फोन आए और कमरुल हक को गालियाँ दी गईं। बाद में, जेल में बंद अर्जुन और छोटन से मिलकर आलोकजी ने फायरिंग करवाने की साजिश रची।
आलोकजी ने दो अपराधियों विकास कुमार बेदिया और कालीचरण मुंडा को कमरुल हक पर फायरिंग के लिए रिक्ति दी, जिसके लिए दोनों शूटरों को एक-एक हजार रुपये अग्रिम दिए गए थे। शूटरों को हथियार भी आलोकजी ने प्रदान किए थे। 16 जुलाई को शाम को, शूटर होटल के पास पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस आतंकी हमले में दो व्यक्तियों की मौत हो गई और दो और घायल हो गए।
फिर भी, कमरुल हक जल्दी से होटल से निकल गए थे और इसलिए उन्हें आतंकी हमले से बच गए। पुलिस ने इस मामले में पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और वर्तमान में विकास बेदिया और कालीचरण को भी गिरफ्तार किया है। रांची पुलिस जल्द ही जेल में बंद अर्जुन और छोटन से भी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।

















