रांचीः झारखंड मंत्रालय में अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के लिए चयनित 25 विद्यार्थियों को सीएम हेमंत सोरेन ने सम्मानित किया. सीएम ने कहा कि झारखंड देश के सबसे पिछड़े राज्यों में से एक राज्य है. हालांकि इस राज्य को पिछड़ा होना नहीं चाहिए था. न जाने इस राज्य का जो कैरेक्टर है वो अदभुत है. देश की 42 प्रतिशत खनिज संपदा इस राज्य में है. कोई खनिज पदार्थ नहीं जो इस राज्य में नहीं है. कई बार इसकी खरीद बिक्री हुई. इस राज्य के खनिज संपदा से देश रौशन हो रहा है. इस राज्य के खनिज पदार्थ से कई लोग अरबपति-खरबपति हो गए, लेकिन इस राज्य के लोग वैसे ही रह गए. जमीन के अंदर खनिज है और उपर खूबसूरत वादियां भी है. पर्यटक स्थल हैं.
यहां के लोगों को सही समय पर हुनर दिखाने का नहीं मिला मौका
सीएम ने कहा कि ऐसा नहीं है कि यहां के लोगों के भीतर हुनर नहीं है, कला नहीं है, बस इनको मौका नहीं मिला. जब हमलोगों को मौका मिला तो समझ नहीं आया कहां से काम शुरू करें, कोरोना का धुंध भी देखे. काम तो बहुत किए हैं. गरीबी का आलम क्या है इसे बार-बार मंचों से बोलने में भी शर्म आती है. शिक्षा के क्षेत्र में जब अध्ययन किए तो लगा पूरा सिस्टम ताश के पत्तों की तरह सजाया हुआ है. छुआ ओर बिखर गया. पुराने सिस्टम को अचानक बदल पाना भी मुश्किल है. गरीबी की वजह से पांचवी के बाद बच्चे घर के जिम्मेदारी में लग जाते थे. लेकिन हमारी सरकार ने पांचवी के बाद ही जिम्मेदारी उठाया है और कहा है- जो बनना है आप बनिए.

















