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शहीद जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा गया, सभी की आंखें हुई नम

गया : जम्मू-कश्मीर के रजौरी में आतंकी हमले के दौरान लोहा लेते नवादा के लाल चंदन कुमार शहीद हो गए थे। 21 दिसंबर को चंदन के शहीद होने की खबर जैसे ही गांव में आई, पूरे गांव में मातम पसर गया। आज अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले इस लाल का पार्थिव शरीर जम्मू कश्मीर से गया एयरपोर्ट को पहुंचा। अपने बहादुर बेटे का पार्थिव शरीर देख लोगों की आंखें नम हो गई। हालांकि, मौजूद लोगों को गर्व था, कि उनका लाल अपने देश की रक्षा की खातिर शहीद हुआ। गया एयरपोर्ट पर भारत माता की जय गुंजायमान हो रहा था। गया एयरपोर्ट पर सैन्य सम्मान के साथ शहीद चंदन के पार्थिव शरीर को विदाई दी गई। नवादा के पैतृक गांव में अंतिम विदाई दी जाएगी।

बीते 21 दिसंबर को आतंकियों ने जम्मू कश्मीर के रजौरी में सेना की की दो गाड़ियों पर हमला किया था। इस दौरान आतंकियों से लोहा लेते पांच जवान शहीद हो गए थे। इसमें नवादा जिले के वारसलीगंज थाना अंतर्गत नारोमुरार गांव निवासी बालेश्वर सिंह के पुत्र चंदन शहीद हो गए थे। चंदन के शहीद होने की खबर गांव में आते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, लेकिन गर्व था, कि उनके लाल की देश की रक्षा के लिए शहादत हुई है।

सेना के विशेष विमान से सोमवार की अपराहन को नवादा के लाल चंदन का पार्थिव शरीर गया एयरपोर्ट को पहुंचा। गया एयरपोर्ट पर ताबूत में तिरंगे से लिपटा पार्थिव शरीर आते ही चंदन कुमार अमर रहे, भारत माता की जय गुंजायमान होने लगे। इस दौरान हर किसी की आंखें नम हो रही थी। जानकारी के अनुसार शहीद चंदन का पार्थिव शरीर गया एयरपोर्ट से पैतृक गांव नवादा जिले को ले जाया जाएगा। शहीद चंदन कुमार आर्मी में राइफल मैन 48 RR में पोस्टेड थे।

वहीं, शहीद चंदन का शव पांचवें दिन जब जम्मू कश्मीर से गया एयरपोर्ट पर पहुंचा, तो नवादा से परिजन भी यहां आए थे। इस दौरान परिजनों में काफी नाराजगी दिखाई दी। क्योंकि सरकार से उन्हें एक शहीद के परिवार के प्रति एक ट्वीट की अपेक्षा जरूर थी। शहीद चंदन के भाई पीयूष ने बताया कि सरकार ने एक ट्वीट करना उचित नहीं समझा. कोई संज्ञान नहीं लिया। एक और यूपी में योगी सरकार शहीदों को 50-50 लाख रुपए तक दे रही है, तो बिहार सरकार कुछ नहीं कर रही।

पीयूष कुमार ने बताया कि बीते महीने ही चंदन गांव को आए थे। पत्नी से कहा था कि होली में आऊंगा तो करकट का घर पक्का बना दूंगा। हमारे पिता मजदूर है। घर की माली स्थिति सही नहीं है। फिर भी सरकार एक शहीद के परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति तक नहीं दिखाती है। पीयूष कुमार ने यह भी बताया कि गांव में मातम का माहौल पसरा हुआ है। पिछले चार दिनों से गांव में किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला है। पूरा गांव शोकाकुल है। कहा कि पार्थिव शरीर जब गया एयरपोर्ट पहुंचा तो यहां भी देखा कि सुध लेने कोई नहीं आ रहा है।

वहीं सैन्य सम्मान के साथ गया एयरपोर्ट से शहीद चंदन के पार्थिव शरीर को विदाई दी गई। पार्थिव शरीर अब नवादा पहुंचेगी, जहां पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, गया एयरपोर्ट पर सेना के कई अधिकारियों ने शहीद चंदन कुमार के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। मौके पर लोजपा के वरीय नेता अरविंद सिंह, दिलीप सिंह आदि मौजूद थे।

आशीष कुमार की रिपोर्ट

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