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तिरंगे में लिपटा घर पहुंचा शहीद चंदन का शव, नम आंखों से हजारों लोगों ने दी विदाई

नवादा : नवादा जिले के वारिसलीगंज प्रखंड के नारोमुरार गांव में शहीद जवान का पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में सेना के गश्ती वाहन पर 21 दिसंबर को हुए आतंकी हमले में चंदन कुमार अपने पांच साथियों के साथ शहीद हो गए थे।

ग्रामीणों ने किया था पथ जाम

शहीद की विधवा का विलाप व शव देखने की अंतिम इच्छा की मांग के बाद ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 20 को खरांठ मोड़ के पास छह घंटों तक जाम किया था। विरांगना विधवा की जिद्द व जनप्रतिनिधियों की मांग पर सेना के अधिकारियों ने शव भेजने का निर्णय लिया और आखिरकार शव गांव पहुंचा।

तिरंगे में लिपटा घर पहुंचा शहीद का शव

उनका पार्थिव शरीर सेना के हेलीकॉप्टर से गया लाया गया। जहां अंतिम सलामी के बाद गया एयरपोर्ट से सड़क मार्ग द्वारा शहीद जवान का पार्थिव शरीर गृहनगर जिले के वरिसलीगंज प्रखंड के नारोमुरार गांव लाया गया। जहां नम आंखों से हजारों लोग अंतिम विदाई देने के लिए एकत्रित हुए थे। इसके पूर्व जगह-जगह हजारों की संख्या में हाथों में तिरंगा ले लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

लोगों की आंखें हुई नम

शहीद जवान चंदन कुमार का पार्थिव शरीर सोमवार को जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा तथा बनाये गये विशेष मंच पर सेना के जवानों ने रखा पूरा माहौल गमगीन हो गया। बड़ी संख्या में लोगों ने तिरंगे के साथ शहीद की शवयात्रा निकाली और भारत माता की जय के नारे लगाए। मौके पर सेना के कई जवान भी मौजूद रहे। शहीद जवान को गांव से सटे मुक्तिधाम में राजकीय सम्मान के साथ सलामी देते हुए अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान ‘चंदन कुमार अमर रहे’ के नारों से पूरा इलाका गुंजायमान हो गया।

बिहार पुलिस के अधिकारियों द्वारा समेत हजारों लोगों के द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की गई। पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उन्हें तोपों की सलामी दी गई।
शहीद चंदन जिले के वरिसलीगंज प्रखंड के कुटरी पंचायत के नारोमुरार गांव निवासी गरीब किसान मौलेश्वर सिंह के पुत्र है। शहीद आर्मी का राइफल मैन चंदन कुमार 89 आर्म्ड रेजिमेंट के जवान थे। पिछले ढाई वर्षों से चंदन जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में तैनात थे। उनके बलिदान की ख़बर सुनते ही पूरे गांव में शोक का माहौल कायम हो गया। शहीद चंदन पांच साल पहले सेना में भर्ती हुए दे जबकि एक साल पहले उनकी शादी हुई थी।

अपने लाल पर मां को गर्व

मृतक शहीद के मां जयंती देवी ने बताया कि चंदन कहता था कि देशसेवा सर्वोपरि है। चंदन कहता था कि अगर देशसेवा करते मर भी गया तो तिरंगे में लिपटकर घर आऊंगा। इधर, ग्रामीणों ने आतंकियों के सफाए के लिए अभियान चलाने की मांग की है। पुंछ के आतंकी हमले को काफी घृणित करार दिया है। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है। दानापुर कैंट के आर्मी कर्नल विनय कुमार ने पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी।

अनिल शर्मा की रिपोर्ट

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