धनबाद: बदलते समय के साथ मुस्लिम समाज भी अब समाज सुधार की ओर अग्रसर है। ऐसे में निकाह के मौके पर होने वाली फिजूल खर्ची को रोकने के लिए 45 गांव के लोगों की एक अहम बैठक बड़वाअड्डा के मुर्रा डीह स्थित मदरसा में हुई।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि निकाह के मौके पर डीजे नहीं बजाया जाएगा। कोई भी बाराती शराब नहीं पियेगा। निकाह के दौरान कोई भी गाजा-बाजा और पटाखे नहीं फोड़ जाएंगे। बारातियों की संख्या बहुत सीमित होगी एवं लड़की पक्ष को दहेज के लिए प्रताड़ित नहीं किया जाएगा।
फिजूल खर्ची को रोकने पर बनी सहमति
मदरसा के काजी ने बताया कि लंबे समय से मुस्लिम समाज में भी कई कुरीतियों चली आ रही है समय के साथ उसे दूर करना जरूरी है और आज लोगों ने मुस्लिम समाज के निकाह के मौके पर होने वाली फिजूल खर्ची को रोकने पर अपनी सहमति दी है।
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उन्होंने कहा की सुन्नत के हिसाब से शादियां होनी चाहिए। अगर 11 बजे से पहले बारात पहुंचती है तभी निकाह होगा अन्यथा फजर की नमाज के बाद ही काजी निकाह पढ़ाएंगे।


