कोलेबीराः कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोंगाड़ी ने आज विधानसभा के सदन में गैर सरकारी संकल्प के माध्यम से सरकार से कहा कि सिमडेगा जिला के अनेको प्रखण्ड के साथ-साथ कोलेबिरा विधानसभा क्षेत्र में हाथी का प्रकोप बहुत अधिक है।आये दिन हाथी और मानव के बीच खाने को लेकर टकराव होते रहता है।
प्रकोप को रोकने के लिए किये गए कई कार्य
मानव में जान-माल का खतरा सदैव बना रहता है। लोग हाथी से बचने के लिए रतजग्गा करते हैं। नतीजा लोगों में बीमारी का खतरा भी बना रहता है। जिससे लोगों के कार्य क्षमता में निरंतर कमी आ रही है, तो क्या सरकार हाथी से बचाव के लिए स्थायी समाधान करने की घोषणा करती है।

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विधायक कोलेबिरा के गैर सरकारी संकल्प के जवाब में विभाग द्वारा बताया गया है कि हाथी और मानव टकराव से बचने के लिए वन विभाग द्वारा अनेको कार्य किए गए हैं। जैसे 2022-23 में 1022 हेक्टेयर वन भूमि पर 788580 पौधारोपन किया गया है। जिसमें 50 हेक्टेयर में बांस का पौधरोपण किया गया।
वन विभाग ग्रामीणों पर लगा रही है इल्जाम
उसी प्रकार 2021-22 में भी पौधारोपण कार्य हुआ है साथ ही साथ पानी की व्यवस्था चेकडैम बनाकर किया गया है।
विभाग अपने बचने के लिए सीधा-सीधा इल्जाम ग्रामीणों पर ये लगा दिया कि मानव और हाथी के टकराव का मूल कारण महुआ, हाड़ी दारू को लेकर है। जो बेबुनियाद और बेतुका लगता है।
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विभाग कहती हैं कि वनकर्मियों के द्वारा ग्रामीणों को प्रशिक्षित किया गया है, उनके बीच हाई पावर का टाॅर्च, पटाखा, मोबिल जूट आदि का वितरण किया जाता है। जबकि ग्रामीणों को हल्का-फुल्का मोबिल और जूट देकर अपना पीठ थपथपा ले रही है।
विधायक विक्सल कोंगाड़ी ने सरकार और विभाग से मांग की है कि अगर उक्त जंगल क्षेत्र में पौधारोपण, चेकडैम आदि कार्य को सम्पादित किया गया है तो इसकी अध्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जाए कि कहां-कहां चेकडैम और पौधारोपण किया गया है और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है, क्योंकि क्षेत्र भ्रमण के क्रम में कहीं भी चेकडैम दिखाई नहीं देता है।


