रांची: झारखंड का राजनीतिक चक्र लगातार बदल रहा है. जीत के लिए हर पार्टी नए नए दाव पेच लगा रही है. सोरेन परिवार इसमें उलझता दिख रहा है.
सोरन परिवार के चार किरदार हर पल नए रूप में दिख रहे है. सूत्र बता रहे है कि बसंत सोरेन जल्द ही सीता सोरेन की राह पकड़ सकते है या फिर जेएमएम के अंदर रहते ही उलगुलान कर सकते है.
सोरेन परिवार की संरचना –
पार्टी के मुखिया पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन होटवार के अंदर से परिवार की बागडोर संभालने की पूरी कोशिश तो कर रहे है लेकिन इसमें वे सफल होते नहीं दिख रहे है.
बसंत सोरेन और हेमंत सोरेन के बीच होटवार में कई दौर की मुलाकात हो चुकी है पर अभी तक आपसी सहमति नहीं हो पाई है. सूत्र इस बात की भी पुष्टी कर रहे है.
परिवार में एक इंसाइडर का भी महत्व काफी बढ़ गया है, फिलहाल वो राज्य का मुखिया है. लेकिन राज्य और पार्टी पर अपनी पकड़ मजबूत रखने के लिए होटवार के अंदर से ही झारखंड की सत्ता परिवर्तन की पटकथा लिखी जा रही है।
आने वाला समय सोरेन परिवार के लिए काफी चुनौती पूर्ण होने वाला. पार्टी का एक धड़ा सीता सोरेन के रूप में परिवार से पहले ही अलग हो चुका है.

और अपनी नई पहचान बनाने की कोशिश में लगा हुआ है, अपनी इस कोशिश में सीता सोरेन कितनी सफल होती है या आने वाला समय बताएगा लेकिन अपनी इस कोशिश को सफल बनाने के लिए सीता सोरेन लगातार सोरेन परिवार पर हमलावर है और कई नए आरोप लगातार लग रही हैं.
इन आरोपों में कितना दम है इस पर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। इन सब के बीच परिवार के एक और मुखिया शिबू सोरेन अपनी खराब सेहत के बावजूद लगातार परिवार को एकजुट करने में लगे हुए हैं और अपनी छोटी बहू कल्पना सोरेन को भरपूर समर्थन दे रहे हैं झारखंड की राजनीति में आने वाला समय कल्पना सोरेन के किस रूप को दिखाएगी इसका हम सब को इंतजार है
Supriyo Bhattacharya ने रोजगार और महंगाई को लेकर BJP से पूछा सवाल, घोषणा पत्र को बताया उनका नहीं है
Highlights


