दिल्ली. मानहानि मामले में दिल्ली की केजरीवाल सरकार की मंत्री आतिशी मार्लेना को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने समन भेजा है। इस पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि यह पूर्ण तानाशाही है। अगर मोदी जी दोबारा सत्ता में आए तो हर एक विपक्षी नेता को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आतिशी को समन जारी होने के बाद सीएम केजरीवाल ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए एक्स पर पोस्ट लिखा, इसमें उन्होंने लिखा, ‘मैंने पहले कहा था कि वे अगली बार आतिशी को गिरफ्तार करेंगे। वे अब ऐसा करने की योजना बना रहे हैं। यह पूर्ण तानाशाही है। पूरी तरह से तुच्छ और झूठे मामलों में वे एक-एक करके AAP के सभी नेताओं को गिरफ्तार कर रहे हैं। अगर मोदी जी दोबारा सत्ता में आए तो हर एक विपक्षी नेता को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’
दरअसल, दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बीजेपी पर आम आदमी पार्टी के विधायकों को तोड़ने का आरोप लगाने के लिए दिल्ली बीजेपी मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर द्वारा दायर मानहानि मामले में आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी मार्लेना को तलब किया है। कोर्ट ने उन्हें 29 जून को कोर्ट में पेश होने के लिए समन भेजा है।
आतिशी मार्लेना पर मानहानि का केस
इससे पहले अप्रैल में भाजपा ने आतिशी को मानहानि का नोटिस जारी किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतिशी ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि उन पर पार्टी में शामिल होने या एक महीने के भीतर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तारी का सामना करने के लिए दबाव डाला गया था।
आतिशी मार्लेना का दावा
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, आतिशी ने दावा किया था कि ईडी उन्हें और अन्य AAP नेताओं, जैसे कि सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक और राघव चड्ढा को गिरफ्तार करने की योजना बना रही थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें धमकी दी गयी था कि अगर उन्होंने भाजपा की मांगों का पालन नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था, ‘मुझसे कहा गया था कि मुझे बीजेपी में शामिल होकर अपना राजनीतिक करियर बढ़ाना चाहिए, नहीं तो ईडी मुझे एक महीने के भीतर गिरफ्तार कर लेगी…प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी आम आदमी पार्टी और उसके नेतृत्व को खत्म करना चाहते हैं।’
बता दें कि आप पार्टी समेत विपक्षी दलों ने भाजपा पर ”ऑपरेशन लोटस” का आरोप लगाया है। यह कथित तौर पर केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा वपक्षी पार्टी के नेताओं को लुभाने के लिए एक रणनीति है।


















