आयोग की टीम ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा की, संबंधित अधिकारियों को दिए ये निर्देश

रांची. भारत निर्वाचन आयोग के वरीय उप निर्वाचन आयुक्त धर्मेंद्र शर्मा एवं नितेश व्यास ने मतदाता सूची के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम 2024 को लेकर झारखंड राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार तथा सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। आयोग के वरीय पदाधिकारियों ने झारखण्ड में शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष लोक सभा निर्वाचन संपन्न कराने पर देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त की ओर से झारखण्ड के सीईओ एवं पूरे राज्य की निर्वाचन टीम को बधाई दी।

मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा

बैठक में सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों द्वारा अपने जिले में चल रहे मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम सम्बन्धी गतिविधियों एवं अब तक की प्रगति का पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। इस अवसर पर भारत निर्वाचन आयोग से आए पदाधिकारियों द्वारा राज्य में चल रहे द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम में मतदाता सूची के अद्यतनीकरण, घर-घर सत्यापन, डिजिटाइजेशन, पुराने लेमिनेटेड मतदाता पहचान पत्र के नवीनीकरण, पहचान पत्रों के वितरण, मतदान केंद्रों पर आवश्यक न्यूनतम सुविधाओं, जन शिकायतों के निस्तारण की स्थिति एवं लोकसभा निर्वाचन में मतदान प्रतिशत जैसे विषयों पर विस्तृत रूप से समीक्षा की एवं जरूरी दिशा निर्देश दिए। सभी प्रकार के मतदाता पंजीकरण से जुडे लम्बित आवेदनों को मिशन मोड में निष्पादित करने को कहा गया। सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को त्रुटिरहित एवं अद्यतन मतदाता सूची का प्रकाशन सुनिश्चित करवाने के लिए निर्देशित किया गया।

बैठक में निर्देशित किया गया कि सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी युवाओं, दिव्यांगजनों, महिलाओं, पीवीटीजी आदि वर्गों को मतदाता सूची में पंजीकृत करवाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाकर समावेशी मतदाता सूची बनाने की दिशा में हर संभव प्रयास करें। साथ ही विश्वविद्यालयों व कॉलेजों के शत-प्रतिशत छात्रों का मतदाता सूची में पंजीकरण करवाने को लेकर सभी जिले प्रभावी पहल करें। आयोग के वरीय पदाधिकारियों कि ओर से बीएलओ एवं मतदाताओं के बीच समन्वय बढ़ाने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निदेश दिया गया कि वे राजनीतिक दलों के साथ नियमित अंतराल पर बैठकें करते रहें तथा उनके द्वारा बताये गए बिंदुओं पर समुचित कार्रवाई करने के साथ-साथ उन्हें नियमित रूप से संबंधित अद्यतन जानकारी प्रदान करना सुनिश्चित करें।

समीक्षा के क्रम में भारत निर्वाचन आयोग के वरीय पदाधिकारियों ने राज्य स्तरीय टीम के साथ-साथ जिलों को जरूरी निर्देश दिये कि मतदाता पहचान पत्रों के वितरण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करें। मतदाता पंजीकरण के बाद यदि मतदाता पहचान पत्र वितरण में निर्धारित समय से अधिक विलंब होता है तो पोस्ट ऑफिस के साथ समन्वय कर इस कार्य में तेजी लाएं। निर्देश दिया गया कि मतदाता पंजीकरण या मतदाता पहचान पत्र से जुड़ी सभी जनशिकायतों का भी ससमय निराकरण करते रहें, भले ही ये शिकायतें किसी भी माध्यम से प्राप्त हुई हों।

सीनियर डीईसी नितेश व्यास ने कहा कि राज्य के शहरी क्षेत्रों के वैसी हॉउसिंग सोसाइटी जहां 500 से अधिक मतदाता हैं, वहां भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों के अनुरूप सोसाइटी के अंदर ही नया मतदान केंद्र बनाएं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्यक्रम जितना दक्षतापूर्वक और त्रुटि रहित होगा, मतदान प्रतिशत उतना ही बेहतर होगा।

इस बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के प्रधान सचिव अरविंद आनंद, झारखण्ड के अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संदीप सिंह, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. नेहा अरोड़ा सहित राज्य के सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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