रांची: अभी भी रांची क्षेत्र के विकास प्राधिकार (RRDA) में अघोषित रूप से भवन का नक्शा पास करने पर राक है। पिछले तीन महा से एक भी नक्शा पास नहीं हुआ है। इस वजह से लोग घर का निर्माण शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
500 से अधिक भवनों के नक्शे पेंडिंग हैं। यह स्थिति तब है जब झारखंड हाईकोर्ट ने रांची नगर निगम और आरआरडीए को नक्शा पास करने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी प्रक्रिया में किसी तरह का सुधार नहीं हुआ।
दरअसल, आरआरडीए (RRDA) में भू-संपदा पदाधिकारी, सचिव का पद लंबे समय से खाली है। सरकार किसी भी पदाधिकारी को इस पद पर नियुक्त नहीं कर रही है और न किसी पदाधिकारी को अतिरिक्त प्रभार दिया जा रहा है। इसका खमियाजा घर बनाने वालों को भुगतना पड़ रहा है।
लोगों की परेशानी को देखते हुए आर्किटेक्ट सुजीत भगत ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर प्राधिकार की समस्या दूर करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पिछले तीन माह से आरआरडीए (RRDA) में भू-संपदा पदाधिकारी और सचिव के पद खाली हैं। ऐसे में पहले से स्वीकृत नक्शा पदाधिकारी के हस्ताक्षर के अभाव नहीं लोगों को नहीं दिए जा रहे हैं। वहीं पिछले तीन माह में जमा हुए 500 नए नक्शा भी स्वीकृत नहीं हुए हैं। इससे आवेदकों की परेशानी बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि नक्शा पास नहीं होने से लोगों को हाउसिंग लोन नहीं मिल रहा है। निर्माण कार्य बंद होने से मजदूर बेरोजगार हो रहे हैं, शहर का सुनियोजित विकास नहीं हो रहा है। शहर में चारों ओर अवैध निर्माण को बढ़ावा मिल रहा है। इसलिए जल्द पदाधिकारियों को नियुक्त किया जाए, ताकि लोगों की परेशानी दूर हो सके।


















