Tragedy : दिल्ली में कोचिंग सेंटर के बेसमेंट अचानक पानी भरने से 10 छात्रों के मौत की आशंका, 3 मौतों की पुष्टि, नाराज छात्रों का प्रदर्शन जारी

डिजीटल डेस्क : Tragedyदिल्ली में कोचिंग सेंटर के बेसमेंट अचानक पानी भरने से 10 छात्रों के मौत की आशंका, 3 मौतों की पुष्टि, नाराज छात्रों का प्रदर्शन जारी। मध्य दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित राव आईएएस स्टडी सेंटर के बेसमेंट स्थित लाइब्रेरी में शनिवार देर शाम अचानक पानी भरने से छात्रों के दम घुटने और मरने की दहलाने वाली घटना सामने आई है।

छात्रों का दावा है कि 10 छात्रों की मौत हुई है जबकि सरकारी तौर पर रविवार सुबह तक 3 मौतों की ही पुष्टि की गई है। शनिवार देर रात पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई। इस घटना को लेकर छात्रों ने एमसीडी, दिल्ली सरकार और कोचिंग सेंटरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

वहीं एक छात्र ने दावा किया है कि बेसमेंट में तीन हीं बल्कि 10 छात्रों की मौत हुई है। समाचार लिखे जाने तक रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म होने की बात कही गई है और दिल्ली पुलिस ने बारीकी से जांच करने की बात कहते हुए दावा किया है कि मौत को लेकर किसी भी स्तर आंकड़े छुपाए नहीं जा रहे।

Tragedy : एमसीडी ने कहा – यह आपदा है, छात्रों ने कहा – यह एमसीडी की लापरवाही

एमसीडी का कहना है कि यह आपदा है, लेकिन हादसे से नाराज छात्रों ने कहा कि यह पूरी तरह से लापरवाही है। आधे घंटे की बारिश में घुटनों तक पानी भर जाता है। आपदा कभी-कभी होती है। यहां मकान मालिक ने कहा कि वह पिछले 10-12 दिनों से पार्षद से कह रहा था कि नाले की सफाई होनी चाहिए। प्रदर्शनकारी छात्रों की पहली मांग यह है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

दूसरी मांग है कि तत्काल घायलों और मौतों की वास्तविक संख्या बताई जाए। तीसरी मांग बेसमेंट में लाइब्रेरी बंद होनी चाहिए। शनिवार रात कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भरने और तीन छात्रों की जान जाने के बाद एमसीडी के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले एक छात्र ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लोगों ने बताया कि 8-10 लोग मारे गए हैं। एक यूपीएससी अभ्यर्थी ने कहा कि हमारी मांग है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

यहां बेसमेंट में खोली गई ये सारी चीजें अवैध रूप से संचालित की जा रही हैं और सुरक्षा के कोई उपाय नहीं हैं। इसलिए इन सब चीजों को बंद किया जाना चाहिए और कार्रवाई की जानी चाहिए।

Tragedy : नाराज छात्रों का प्रदर्शन जारी, दिल्ली पुलिस ने जारी किया बयान

प्रदर्शन कर रहे यूपीएससी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों ने कहा कि हमारी मांग है कि सबसे पहले, बेसमेंट में अवैध रूप से बनी ये सारी लाइब्रेरी बंद होनी चाहिए। एमसीडी को देखना चाहिए कि समस्या कहां है, यह पहली बार नहीं है जब यहां पानी भरा है। पिछली बार जब बारिश हुई थी, तो कारें पानी में तैर रही थीं।

एक साल में उन्होंने कुछ नहीं किया। अभी तक कोई वरिष्ठ अधिकारी यहां नहीं आया है। दूसरी ओर हादसे पर एडिशनल डीसीपी सचिन शर्मा ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से कहा कि तीन लोगों की मौत हो गई है। हम कुछ भी क्यों छिपाएंगे? हम आपको आश्वासन देते हैं कि हम कानूनी रूप से जो भी संभव होगा, वो करेंगे। हादसे की जांच जारी है जिसमें कल एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भर जाने से 3 छात्रों की जान चली गई।

खोज और बचाव अभियान खत्म हो चुका है। तीन शव बरामद किए गए हैं। उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है। मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।

दिल्ली में कोचिंग संस्थान में हुए हादसे के बाद जारी रेस्क्यू ऑपरेशन अब खत्म हो चुका है।
Tragedy : दिल्ली में कोचिंग संस्थान में हुए हादसे के बाद जारी रेस्क्यू ऑपरेशन अब खत्म हो चुका है।

Tragedy : हादसे पर दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर का अजीब बयान, बहस जारी

आईएएस कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन स्टूडेंट की मौत के मामले में दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने अजीब बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सड़क से गुजर रहे ट्रक के दबाव से कोचिंग सेंटर के अंदर लगा लोहे का गेट टूट गया और कोचिंग सेंटर में पानी भर गया।

उन्होंने कहा कि यह गेट सड़क पर बहने वाले पानी को रोकने के लिए लगा था. सड़क से गुजर रहे एक ट्रक के दबाव की वजह से यह गेट टूट गया और सड़क पार बहता हुआ सारा पानी बेसमेंट में गिरने लगा। दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर के इस बयान पर बहस तेज हो गई है। सवाल उठ रहा है कि ट्रक सड़क से निकला, लेकिन कोचिंग सेंटर तो सड़क से थोड़ा हट के था। ऐसे में कोचिंग के अंदर लगा यह लोहे का गेट कैसे टूट गया।

हालांकि डॉयरेक्टर ने बताया कि यह एक संभावना है। घटना के कारणों की जांच जारी है। हादसे के बाद खुद दिल्ली फायर सर्विस भी सवालों के घेरे में आ गई है। फायर सर्विस की नियमावली के मुताबिक बेसमेंट में इस तरह की गतिविधियों के लिए अनुमति नहीं दी जा सकती। बावजूद इसके कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में विधिवत क्लासेज संचालित हो रहे थे।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि दिल्ली फायर सर्विस ने इस कोचिंग सेंटर को कैसे एनओसी दे दी। यदि नहीं दी तो फिर सवाल उठता है कि बिना फायर एनओसी के यह कोचिंग सेंटर कैसे संचालित हो रहा था।

Tragedy : दहलाने वाले हादसे की दर्दनाक कहानी….

बीते शनिवार को दिल्ली में तेज बारिश हो रही थी जिसके चलते दिल्ली के विभिन्न इलाकों में सड़कों पर पानी की तेज धार चलने लगी थी। तभी ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित इस प्रतिष्ठित आईएएस कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में लगे ड्रेनेज सिस्टम में फाल्ट आ गया। इससे ड्रेनज का पानी तो बेसमेंट में भरा ही, बाहर सड़क पर बहता पानी भी बेसमेंट में आ गया।

उसकी वजह से घटना के वक्त बेसमेंट में क्लास कर रहे सभी स्टूडेंट्स फंस कर रह गए बल्कि बेसमेंट से बाहर आने के लिए एक ही निकास होने की वजह से बच्चों का अंदर से बाहर निकल पाना मुश्किल हो गया। बावजूद उसके जैसे तैसे कुछ छात्र तैर कर बाहर आ गए तो कुछ दीवार व अन्य सहारों के जरिए जिंदगी से जूझने लगे। इसी प्रकार बचाव के लिए किसी तरह का सहारा नहीं मिलने पर दो लड़कियों समेत तीन अभ्यर्थियों की डूबने से मौत हो गई।

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