दीपावली पर्व की तैयारियों में जुटे कुंभकार, दीये पर महंगाई की मार

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हजारीबाग : दीपावली पर्व को लेकर कुंभकार भी तैयारियों में जुट गए हैं. दीपों का त्योहार दीपावली उभरते कोरोना काल में अपनी भव्यता परोसने को आतुर नजर आ रहा है. दीया के निर्माण करने वाले कारीगरों का कहना है कि कोरोना के बाद लोग दीपावली बेहतर तरीके से मनाना तो जरूर चाह रहे हैं, लेकिन तेल के मूल्य वृद्धि ने लोगों को बढ़-चढ़कर दीप जलाने से पीछे धकेल रहा है.

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दीपावली पर जलाए जाने वाले दीपक में सरसों का तेल प्रयोग में लाया जाता है. चूंकि इस वर्ष सरसों का तेल लगभग दो सौ रुपये किलो है. ऐसे में मिट्टी का दीपक जलाना महंगा होगा. ऐसे में दीपक की मांग भी प्रभावित हो सकती है. हालांकि, इसके बाद भी कुंभकार अच्छे कारोबार की उम्मीद लगाए बैठें हैं.

दीया कारीगर बताते हैं कि जो लोग सौ दिया जलाना चाहते हैं वह 25 में ही काम चला रहे हैं. साल भर के इस त्यौहार में अच्छी कमाई की उम्मीद जगी थी, लेकिन तेल की महंगाई ने उनके अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है. चीनी सामानों के बाजारों में वर्चस्व को नकारते हुए दीया कारीगर ने साफ तौर पर कहा कि लोग अपनी परंपराओं को भूले नहीं हैं लेकिन महंगाई उनकी कमर तोड़ रही है.

रिपोर्ट : आशीष

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