रांची:उत्पाद सिपाही भर्ती की दौड़ के दौरान एक और अभ्यर्थी की मौत हो गई है, जिससे अब तक कुल 13 अभ्यर्थियों की मौत हो चुकी है। ताजा मामला रांची की रहने वाली आरती केरकेट्टा का है, जिनकी इलाज के दौरान मेदांता अस्पताल में मौत हो गई। आरती साहिबगंज में दौड़ के दौरान बेहोश हो गई थीं और उसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें मेदांता में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
31 अगस्त को साहिबगंज के भर्ती केंद्र में आरती दौड़ में हिस्सा ले रही थीं। समय सीमा के भीतर दौड़ पूरी करने के बाद वह बेहोश हो गईं और उन्हें तुरंत साहिबगंज के सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां से उन्हें उनके घर रांची के चान्हो इलाके में लाया गया, लेकिन तबीयत और बिगड़ने पर उन्हें मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह भर्ती प्रक्रिया के दौरान होने वाली 13वीं मौत है।
इस मामले ने राज्य की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। विपक्षी पार्टी भाजपा राज्य सरकार पर आरोप लगा रही है कि वह इन मौतों पर ध्यान नहीं दे रही और अभ्यर्थियों के परिजनों की मदद नहीं कर रही। भाजपा ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य सरकार ने मृत अभ्यर्थियों के परिवारों को कोई राहत नहीं दी है।
सरकार ने तीन दिनों तक भर्ती प्रक्रिया को स्थगित कर दिया था और फिजिकल टेस्ट को रोक दिया था, लेकिन जांच और समीक्षा के बाद दौड़ फिर से शुरू की गई। नए नियमों के तहत सभी सेंटरों पर ब्लड प्रेशर चेक करने की मशीनें और तीन एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि आपात स्थिति में अभ्यर्थियों को त्वरित चिकित्सा सुविधा मिल सके।
साहिबगंज में हो रही दौड़ के दौरान तापमान अत्यधिक होने के कारण भी अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च तापमान और अत्यधिक शारीरिक मेहनत के चलते अभ्यर्थी बेहोश हो रहे हैं। अब तक 300 से ज्यादा अभ्यर्थियों का इलाज चल रहा है, जो दौड़ के दौरान बेहोश होकर गिर गए थे।
हालांकि, राज्य सरकार की ओर से इस मामले पर जांच की जा रही है, लेकिन विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं। वहीं, अब यह देखना होगा कि सरकार इन मौतों को रोकने के लिए और क्या कदम उठाती है।


















