NMACC Cultural Centre: NMACC के 3 साल पूरे: 10,500 कलाकारों से लेकर ग्लोबल शो तक, जानिए पूरी कहानी

NMACC Cultural Centre: भारतीय कला, संस्कृति और दुनिया की चर्चित प्रस्तुतियों को एक मंच पर लाने की दिशा में नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर यानी NMACC ने तीन वर्षों में अपनी अलग पहचान बनाई है। मार्च 2023 में शुरुआत के बाद यहां अब तक 3,500 से अधिक शो आयोजित हो चुके हैं। इस दौरान करीब 25 लाख दर्शक NMACC पहुंच चुके हैं, जबकि 10,500 से ज्यादा कलाकारों ने 15 से अधिक भाषाओं में अपनी कला का प्रदर्शन किया है।

भारतीय कहानियों को मिला आधुनिक मंच

NMACC में भारतीय संस्कृति और कहानियों को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए आधुनिक मंच तकनीक और बड़े प्रोडक्शन का इस्तेमाल किया गया। यहां आयोजित प्रमुख प्रस्तुतियों में ‘मुगल-ए-आजम: द म्यूजिकल’, ‘राजाधिराज: लव. लाइफ. लीला’ और NMACC की अपनी प्रस्तुति ‘द ग्रेट इंडियन म्यूजिकल: सिविलाइजेशन टू नेशन’ शामिल हैं।

इन प्रस्तुतियों के जरिए भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपराओं को आधुनिक रंगमंचीय प्रस्तुति के साथ दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। वहीं, सेंटर के स्टूडियो थिएटर और द क्यूब में छोटे स्तर के और प्रयोगधर्मी कार्यक्रमों के लिए भी जगह उपलब्ध है।

कई भाषाओं में थिएटर, संगीत और मनोरंजन

NMACC का सांस्कृतिक दायरा केवल बड़े म्यूजिकल और थिएटर शो तक सीमित नहीं है। स्टूडियो थिएटर और द क्यूब में हिंदी, गुजराती, मराठी और बंगाली सहित कई भाषाओं में कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं।

इन मंचों पर थिएटर के साथ संगीत, कॉमेडी और डांस से जुड़े कार्यक्रम भी हुए हैं। इससे अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों से जुड़े कलाकारों को अपनी प्रस्तुतियां दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर मिला है।

दुनिया के बड़े शो भी पहुंचे मुंबई

NMACC ने भारतीय दर्शकों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित प्रस्तुतियों को भी मुंबई में लाने की दिशा में काम किया है। यहां ‘द साउंड ऑफ म्यूजिक’, ‘वेस्ट साइड स्टोरी’, ‘MAMMA MIA!’, ‘द फैंटम ऑफ द ओपेरा’ और ‘Wicked’ जैसे अंतरराष्ट्रीय शो प्रस्तुत किए गए।

NMACC की संस्थापक नीता अंबानी ने शुरुआत में इसके उद्देश्य को भारत की श्रेष्ठ कला को दुनिया तक पहुंचाने और दुनिया की श्रेष्ठ प्रस्तुतियों को भारत लाने की सोच के रूप में रखा था। बीते तीन वर्षों के कार्यक्रम इसी दिशा में आगे बढ़ते दिखाई देते हैं।

बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ कला का विस्तार

NMACC के पास अलग-अलग तरह की प्रस्तुतियों के लिए कई सुविधाएं मौजूद हैं। यहां 2,000 सीट वाला ग्रैंड थिएटर, 198 सीट वाला स्टूडियो थिएटर और 80 सीट वाला द क्यूब है। इसके अलावा चार मंजिला आर्ट हाउस भी सेंटर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस बुनियादी ढांचे के कारण बड़े म्यूजिकल और थिएटर शो से लेकर छोटे प्रयोगात्मक कार्यक्रमों तथा दृश्य कला की प्रदर्शनियों तक के लिए अलग-अलग स्थान उपलब्ध हैं।

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कला, शिल्प और वैश्विक मंच का संगम

NMACC के सार्वजनिक हिस्सों में भी कला को प्रमुख स्थान दिया गया है। यहां 56 फुट का कमल कुंज, घुंघरुओं से तैयार मुंबई की स्काईलाइन और जापानी कलाकार यायोई कुसामा की ‘Clouds’ जैसी कलाकृतियां मौजूद हैं।

इसके साथ रिलायंस फाउंडेशन का स्वदेश भारतीय कारीगरी और पारंपरिक शिल्प को सामने लाने का काम करता है। इस तरह सेंटर में आधुनिक कला और वैश्विक प्रस्तुतियों के साथ भारतीय हस्तशिल्प और परंपराओं को भी स्थान मिला है।

NMACC की गतिविधियों का विस्तार मुंबई से आगे वैश्विक मंच तक भी हुआ है। 61वें वेनिस बिएनाले में इंडिया पवेलियन की प्रस्तुति में उसकी भागीदारी इसी दिशा का हिस्सा है। चौथे वर्ष में ‘द ग्रेट इंडियन म्यूजिकल’ की वापसी के साथ Chicago और ऑस्कर-नामांकित संगीतकार मैक्स रिक्टर की भारत में पहली प्रस्तुति भी प्रस्तावित है।

तीन वर्षों में 3,500 से अधिक शो, करीब 25 लाख दर्शकों और 10,500 से ज्यादा कलाकारों की भागीदारी NMACC की बढ़ती सांस्कृतिक पहुंच को दर्शाती है। भारतीय परंपरा, आधुनिक कला और अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुतियों को एक ही मंच पर जगह देने के प्रयास ने इसे मुंबई के प्रमुख सांस्कृतिक स्थलों में एक अलग पहचान दिलाई है।

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