मुजफ्फरपुर : न्यायालय में मुकदमा लड़ने में तारीख पर तारीख की अवधारणा को ध्वस्त करना और आमजन को बिना खर्च और परेशानी के न्याय मिले, यही राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य है। यह बातें मुजफ्फरपुर जिला के जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह ने राष्ट्रीय लोक अदालत का मुजफ्फरपुर न्याय मंडल परिसर में दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए कही।
सर्वोच्च न्यायालय और पटना उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार मुजफ्फरपुर की ओर से न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें अदालत में केसों के निपटारे के लिए 51 बेंच का गठन किया गया। 76 हजार केसों की सूची बनाई गई है। इसमें 24 हजार अदालत में लंबित सुलहनीय मामले हैं। वहीं विभिन्न विभागों और बैंकों में लंबित 52 हजार केसों की सूची बनाई गई। इन सभी केसों से जुड़े पक्षकारों को नोटिस तमिला कराया गया है। लगातार हो रही बारिश के बीच केस के निपटारे को लेकर आमजन में काफी उत्साह देखने को मिल रहा था।
यह भी देखें :
जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव जयश्री कुमारी ने विभिन्न बेंचों पर घूम-घूम कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया, ताकि आमजन को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में केसों के निपटारे को लेकर मुजफ्फरपुर न्याय मंडल विगत चार बार से बिहार में सर्वप्रथम रहा है। 28 हजार मामलों में नोटिस को तामिला कराया गया है। उम्मीद की जाती है, इस बार भी मुजफ्फरपुर जिला अव्वल रहेगा।
यह भी पढ़े : साइबर अपराध के मामले में मुजफ्फरपुर पुलिस की बड़ी उपलब्धि, एक गिरफ्तार
संतोष कुमार की रिपोर्ट


















