धनबाद : खनन विभाग के द्वारा लगातार बगैर माइनिंग चालान कोयला कारोबार संचालन कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. बीते दिनों तेतुलिया स्थित एक कोल डिपो में भी कार्रवाई की गई थी. इसी क्रम में सोमवार को बरवा स्थित श्याम ट्रेडर्स में खनन विभाग के द्वारा वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर छापेमारी की गई.
छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में बगैर आवश्यक कागजात कोयला कारोबार को लेकर निरसा थाने में संचालन अरुण कुमार एवं अन्य पर प्राथमिकी दर्ज कर डिपो को सील करने की अनुशंसा की गयी. हालांकि पिछले कुछ दिन पहले की गई छापेमारी में एमपीएल जाने वाले कोयले में रिजेक्शन मिलाने का मामला आया था. इस डिपो में भारी मात्रा में कोयला के साथ साथ रिजेक्टेड छाई भी मौजूद है. लेकिन खनन विभाग ने रिजेक्टेड छाई को यह कहकर जब्ती सूची में शामिल नहीं किया कि वह मिनिरल की श्रेणी में नहीं आता है.
छापेमारी के दौरान खान निरीक्षक दिलीप कुमार एवं सुनील कुमार, निरसा बीडीओ विकाश राय, और निरसा थाने की पुलिस मौजूद रहे. करीब 4 घंटे तक चली छानबीन के बाद कई वर्षों का रिकार्ड खंगाला गया.
पूरे मामले पर जानकारी देते हुए खान निरीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि डिपो में बगैर माइनिंग चालान कोयले का कारोबार का संचालन किया जा रहा था. विगत वर्षों के लेन-देन का कोई चालान नहीं दिखाया गया. करीब 16 करोड़ 27 लाख के राजस्व की क्षति पहुंचाई गई है. डिपो संचालक अरुण कुमार के ऊपर प्राथमिकी दर्ज कर कोयले को जब्त किया गया एवं डिपो को सील करने की अनुशंसा की गई है.
रिपोर्ट : राजकुमार जायसवाल

















