रांची: दुर्गोत्सव के बाद देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए रांची नगर निगम ने कुल 17 जलाशयों और तालाबों में जलकुंड का निर्माण करने का निर्णय लिया है। नगर निगम द्वारा चिह्नित विसर्जन स्थलों पर बांस और लाल फीता लगाकर जलकुंड की तैयारी की जा रही है, जिससे सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से प्रतिमा विसर्जन किया जा सके।
सभी पूजा समितियों को नगर निगम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे जलकुंड में प्रतिमाओं का विसर्जन सुनिश्चित करें। निगम क्षेत्र के चिह्नित जलस्रोतों पर सुरक्षा के दृष्टिगत खतरनाक गहरे स्थलों को लाल रिबन और बांस से घेराबंदी की जाएगी।
इसके अलावा, सभी पूजा समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रतिमा में इस्तेमाल होने वाले कृत्रिम आभूषण, वस्त्र, और फूल माला आदि को विसर्जन स्थल पर मौजूद नगर निगम के सुपरवाइजर और कर्मियों को उपलब्ध कराएं। नगर निगम के मल्टी परपस सुपरवाइजर सभी आवश्यक संसाधनों के साथ विसर्जन स्थल पर उपस्थित रहेंगे।
विसर्जन की प्रक्रिया के दौरान पूजा समितियों से समन्वय स्थापित कर प्रतिमाओं में उपयोग किए गए बायोडिग्रेडेबल और नन-बायोडिग्रेडेबल सामग्री को अलग-अलग संचित किया जाएगा। विसर्जन के 24 घंटे के भीतर निगम की ओर से विसर्जित प्रतिमाओं के अवशेषों को जल स्रोत से बाहर निकाला जाएगा। इस कार्य की निगरानी के लिए स्वच्छता शाखा के नगर प्रबंधक अंबुज कुमार सिंह को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
इस प्रयास का उद्देश्य पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ पूजा समितियों की मदद करना है, ताकि दुर्गोत्सव का यह उत्सव सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से मनाया जा सके।


















