Bihar में शराबबंदी या मौत का कानून? जहरीली शराब से मौत का आंकड़ा छुपाना चाहती है सरकार? डीजीपी और मंत्री ने…

मंजेश कुमारBihar

पटना: बिहार के सारण और सीवान जिला में पिछले चार दिनों में जहरीली शराब से 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है तो करीब 50 व्यक्ति अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इनमे से कुछ लोगों के आँखों की रौशनी भी चली गई है। पूर्ण शराबबंदी वाले बिहार में जहरीली शराब पी कर मौत होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। जहरीली शराब से मौत मामले को लेकर बिहार में राजनीतिक घमासान भी मचना शुरू हो गया है। शुरुआती दौर में प्रशासन ने जांच की बात कही और फिर छपरा और सिवान के एक एक थानाध्यक्षों को निलंबित भी किया गया।

इसके साथ ही कई अन्य पुलिस अधिकारी और चौकीदारों को भी निलंबित किया गया है। जहरीली शराब से मौत का सिलसिला और राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। इस बीच बिहार पुलिस के मुखिया डीजीपी आलोक राज ने पत्रकारों से बात करते हुए यह स्वीकार किया कि राज्य में जहरीली शराब से मौत हो रही है। उन्होंने जहरीली शराब की वजह से 24 लोगों की मौत की बात कही जबकि मद्य निषेध विभाग के मंत्री रत्नेश सदा ने भी कार्रवाई की बात कही और उन्होंने मौत का आंकड़ा मात्र 8 लोगों की मौत की जानकारी दी।

मंत्री ने कहा

मंत्री रत्नेश सदा ने जहरीली शराब से हो रही मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और दुःख जाहिर किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए राज्य की सरकार और राज्य की पुलिस सदैव कार्यरत है और शराबबंदी प्रभावी भी है। बीच में किसी तरह से कुछ लोगों ने अवैध शराब का धंधा किया कर जहरीली शराब से लोगों की मौत भी हुई। मंत्री रत्नेश सदा ने बताया कि अब तक जहरीली शराब से मात्र 8 लोगों की मौत हुई है जबकि 22 लोग इलाजरत हैं और 3 लोगों के आँखों की रौशनी चली गई।

विपक्ष पर भी किया हमला

मंत्री रत्नेश सदा ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष हमेशा ही अवैध शराब कारोबार करने वालों का मनोबल बढ़ाते आए हैं। वे लोग शराबबंदी पर सवाल तो उठाते हैं लेकिन क्या कभी उन्होंने शराबबंदी के पक्ष में एक दिन भी लोगों को जागरूक किया है? उन्होंने पूछा कि विपक्ष के कोई भी लोग बताएं कि उन्होंने किसी को बताया हो कि शराब पीने से जान और माल दोनों की क्षति होती है। तो वे लोग बोलते रहेंगे उससे फर्क नहीं पड़ता है हमलोग प्रभावी तरीके से आगे भी करते रहेंगे।

डीजीपी ने कबूला 24 लोगों की मौत

सारण और सिवान जिला में जहरीली शराब से लोगों के मौत के मामले में बिहार पुलिस के डीजीपी आलोक राज ने बताया कि अब तक कुल 24 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि मामला सामने आने के बाद वरीय पुलिस अधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रभावी क्षेत्रों का दौरा किया और कार्रवाई में जुट गए। संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब 9-10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हिरासत में लिए गए लोगों में कुछ शराब माफियाओं का नाम भी सामने आया है जिनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब सवाल उठता है कि एक तरफ बिहार पुलिस के अधिकारी स्थानीय जानकारी के अनुसार 30 से अधिक मौत होने के बावजूद 24 लोगों के मौत की बात स्वीकार कर रहे हैं तो दूसरी तरफ बिहार सरकार में मद्य निषेध विभाग के मंत्री मात्र आठ मौत की पुष्टि कर रहे हैं। आखिर इसका क्या कारण है कि विभाग के मंत्री को सही जानकारी तक नहीं है। क्या बगैर जानकारी के मंत्री सख्त कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं?

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