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आनन्द मोहन को आई कानून की याद, कानून की दुहाई दे की रिहाई मांग

Saharsa – गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णनैया हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व सांसद आनन्द मोहन ने नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाया है.

आनन्द मोहन ने कहा है कि कृष्णनैया हत्याकांड में  सजा के 14 वर्ष पूरा होने के बाद भी नीतीश सरकार द्वारा मुझे जेल में रखा जा रहा है. एक साजिश के तहत जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जेल वार्ड में छापामारी करवा कर चार मोबाईल की झुठी बरामदगी दिखलाई जा रही है. यह मुझे बदनाम करने की साजिश है.

जेल एक संस्था है कोई सराय नहीं, जहां कोई मुंह उठाकर चला जाए

आनन्द मोहन ने कहा कि नियम-कानून और संविधान सभी पर समान रुप में लागू होता है. जेल एक संस्था है कोई सराय नहीं, जहां कोई मुंह उठाकर चला जाए.

जेल वार्ड की तलाशी की विश्वनियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि  तलाशी के दौरान वरीय पदाधिकारी बाहर मौजूद रहें जबकि डीएसपी और एसडीओ ने जेल में छापामारी की. जेल अधीक्षक छुट्टी में थें, लेकिन जेल अधीक्षक के आवेदन पर ही आवेदन पर मुझ पर मामला दर्ज किया गया.

सजा की अवधि पूरा होने के बावजूद रिहा नहीं करने का लगाया आरोप

आजीवन कारावास के 14 साल की अवधि पूरी हुए पांच माह से अधिक हो गया लेकिन किस आधार पर मुझे रिहा नहीं किया गया.

सजा की अवधि पूरा होने के बाद भी रिहा नहीं करना सुप्रीम कोर्ट के आदेश का खुला उल्लंघन है.

नीतीश सरकार को मुझसे परेशानी है तो गोली मार दे या खाने में ही जहर मिला दे

आनन्द मोहन ने सरकार की नीयत पर सवाल खड़ा करते हुए कहा अगर सरकार को इतनी ही तकलीफ है तो मुझे गोली मार दे या जेल के अंदर खाने में जहर मिला दे.

रिपोर्टः राजीब झा

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