JPSC Recruitment Process: जेपीएससी में खत्म हुई Member in Charge व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया अब होगी Centralized

झारखंड लोक सेवा आयोग ने भर्ती प्रक्रिया में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। वर्षों पुरानी मेंबर इन चार्ज व्यवस्था लगभग समाप्त कर दी गई है और अब अधिकांश फैसले केंद्रीकृत तरीके से लिए जाएंगे।


JPSC Recruitment Process रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की कार्यप्रणाली में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। आयोग में वर्षों से लागू ‘मेंबर इन चार्ज’ व्यवस्था को लगभग समाप्त कर दिया गया है। अब किसी भी नई भर्ती के लिए अलग-अलग सदस्यों को प्रभारी नहीं बनाया जा रहा है। इसके बजाय भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकांश प्रशासनिक और तकनीकी कार्य आयोग स्तर पर केंद्रीकृत तरीके से संचालित किए जा रहे हैं। इस बदलाव की आयोग और प्रशासनिक हलकों में व्यापक चर्चा है।

JPSC Recruitment Process: अब केंद्रीकृत तरीके से संचालित होगी भर्ती प्रक्रिया

आयोग के सूत्रों के अनुसार, पहले सरकार के किसी विभाग से नियुक्ति के लिए अधियाचना मिलने पर उसे आयोग के किसी एक सदस्य को सौंपा जाता था। वही सदस्य उस भर्ती का प्रभारी बनकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करता था और समय-समय पर आयोग को उसकी प्रगति से अवगत कराता था। अब यह व्यवस्था लगभग समाप्त कर दी गई है और अधिकांश निर्णय आयोग स्तर पर सामूहिक एवं केंद्रीकृत तरीके से लिए जा रहे हैं।


Key Highlights:

  • जेपीएससी में वर्षों पुरानी मेंबर इन चार्ज व्यवस्था लगभग समाप्त।

  • नई भर्तियों के लिए अब अलग से किसी सदस्य को प्रभारी नहीं बनाया जा रहा।

  • भर्ती प्रक्रिया के अधिकांश प्रशासनिक और तकनीकी कार्य केंद्रीकृत किए गए।

  • कार्यों के बंटवारे, जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर नई चर्चा शुरू।

  • पहले प्रत्येक भर्ती की निगरानी एक नामित सदस्य करता था।


JPSC Recruitment Process: पहले हर भर्ती के लिए होता था प्रभारी सदस्य

जेपीएससी में लंबे समय से यह प्रणाली लागू थी कि प्रत्येक भर्ती के लिए एक सदस्य को जिम्मेदारी दी जाती थी। संबंधित सदस्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित करता था, भर्ती नियमों की समीक्षा करता था, परीक्षा कार्यक्रम की तैयारी कराता था और आयोग की बैठकों में संबंधित विषय रखकर आवश्यक प्रस्ताव प्रस्तुत करता था। पूरी भर्ती प्रक्रिया की निगरानी भी उसी सदस्य के जिम्मे होती थी।

JPSC Recruitment Process: पारदर्शिता और जवाबदेही पर शुरू हुई नई बहस

नई व्यवस्था लागू होने के बाद आयोग के भीतर कार्यों के बंटवारे, जवाबदेही और निर्णय प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि आयोग की ओर से इस बदलाव पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि केंद्रीकृत व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया के संचालन में एकरूपता लाने का प्रयास किया जा रहा है।


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