लोहरदगा : राजी पड़ह सरना प्रार्थना सभा जिला समिति लोहरदगा द्वारा कचहरी मोड़ लोहरदगा में राष्ट्रीय सरना धर्म महासम्मेलन का आयोजन किया गया. इस अवसर पर राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के राष्ट्रीय धर्मगुरु जयपाल उरांव की अगुवाई में झखरा कुम्भा एवं कचहरी मोड में पूजा अर्चना हुई. वहीं सरना भाई बहनों ने धर्म गुरुओं का कार्यक्रम में साथ दिया.
राष्ट्रीय धर्मगुरु जयपाल उरांव ने अपने संदेश में आदिवासियों की संस्कृति की प्रशंसा करते हुए प्रकृति के साथ चलना ही धर्म एवं उसके विपरीत चलना अधर्म बताया है. उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा आदिवासी समाज वर्षों से संघर्षरत रहा है. पूर्वज अपने धर्म संस्कृति को बचाने के लिए जंगल, पहाड़ में छिप गए लेकिन समझौता नहीं किया.
राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज मुंडा ने संपूर्ण झारखंड में सरना धर्म को प्रचारित करने की सपथ दिलाई और 32 जनजातियों को सरना झंडा के नीचे आने की आह्वान किया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिले के विधायक सह वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, पूर्व विधायक कमल किशोर भगत, सोमा उरांव, फुलदेव भगत, सुधु भगत, बिरसा उरांव एवं विभिन्न जगहों से सरना धर्मावलंबी रहे.
कार्यक्रम का मूल उद्देश्य आदिवासियों में जनजागृति पैदा करना, अधिकारों के प्रति सजग होना, सामाजिक एवं राजनीतिक चेतना पैदा करना, शिक्षा की ओर अग्रसर कैसे किया जाए, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को बचाना, पूर्वजों द्वारा विरासत में मिली जल, जंगल, जमीन को बचाना अपनी पहचान को बरकरार रखना, विशेषकर संविधान में पांचवी अनुसूचित को अनुसूचित क्षेत्र में लागू कराने के लिए संघर्ष करने की आवश्यकता है. बिना पांचवी अनुसूचित लागू किए झारखंडी को बचाया नहीं जा सकता.
मौके पर सोमा उरांव, फुल देव भगत, बिरसा उरांव, पूर्व विधायक कमल किशोर भगत, विशिष्ट अतिथि डॉ रामेश्वर उरांव, श्रीमती सुभानी टीका, बालमुकुंद लोहरा, हरीश उरांव, राजमणि उरांव, मेरी उरांव, अकाश भगत, एतवा उरांव, नीलम उरांव एवं हजारों भाई-बहन उपस्थित रहे.
रिपोर्ट : दानिश

















