रांची: हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड में सरकार का गठन हो चुका है, लेकिन अब सबकी निगाहें मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हुई हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की नई कैबिनेट का स्वरूप क्या होगा, इस पर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस गठबंधन ने अब तक इस बारे में कोई संकेत नहीं दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार विधानसभा के आगामी विशेष सत्र से पहले मंत्रिमंडल विस्तार करने की योजना बना रही है। 9 से 12 दिसंबर तक बुलाए गए इस विशेष सत्र में संसदीय कार्य मंत्री की नियुक्ति अनिवार्य होगी, जिसे ध्यान में रखते हुए अगले सप्ताह कैबिनेट विस्तार की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री ने अपने करीबी नेताओं के साथ इस संबंध में विचार-विमर्श किया है।
भाकपा माले ने सरकार में शामिल होने से किया इनकार
इस बीच, दो सीटें जीतने वाली भाकपा माले ने स्पष्ट किया है कि वह सरकार का हिस्सा नहीं बनेगी। पार्टी के राज्य सचिव मनोज भक्त ने कहा कि न तो झामुमो-कांग्रेस गठबंधन ने पार्टी को मंत्रिमंडल में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है और न ही उनकी पार्टी की ऐसी कोई मंशा है। पार्टी फिलहाल अपने विधायकों के कार्य प्रदर्शन और विधानसभा में उनकी भूमिका पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
मंत्री बनने की दौड़ तेज
मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद मंत्रिमंडल में स्थान पाने के लिए लॉबिंग तेज हो गई है। कांग्रेस और झामुमो के कई विधायक मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं। इनमें कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव, नमन विक्सल कोंगाड़ी, और झामुमो विधायक अनंत प्रताप देव व लुईस मरांडी शामिल हैं। वहीं, कांग्रेस के दीपिका पांडेय सिंह और भूषण बाड़ा समेत कई नेता दिल्ली जाकर केंद्रीय नेतृत्व से मंत्रिमंडल के नाम तय करने पर चर्चा कर चुके हैं।
सरकार के फैसलों में हो रही देरी
मंत्रिमंडल विस्तार न होने की वजह से सरकार की कार्यप्रणाली बाधित हो रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कई महत्वपूर्ण फैसले लेना चाहते हैं, लेकिन कैबिनेट में विभागों का बंटवारा न होने के कारण इसमें देरी हो रही है। शुक्रवार को हुई कैबिनेट की पहली बैठक में कोई बड़ा फैसला नहीं लिया गया ताकि बनने वाले मंत्रियों को कोई आपत्ति न हो।
कांग्रेस का भरोसा
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया है कि वे जल्द ही अपने कोटे के मंत्रियों के नाम सुझाएंगे।
अब देखना यह है कि अगले सप्ताह होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में किन चेहरों को जगह मिलती है और सरकार अपने कार्यों में तेजी कैसे लाती है।


















